गढ़वाल राइफल्स का जवान लापता, पहाड़ में सड़कों पर उतरे लोग

सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि सरकार सैनिकों के नाम पर राजनीति करती आई है, पर आज जब राजेंद्र सिंह नेगी के परिवार को मदद की जरूरत है, तो कोई उनकी मदद के लिए आगे नहीं आ रहा...
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हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी: Organizations raised the demand for safe return of missing soldier
Image: Organizations raised the demand for safe return of missing soldier

चमोली: गढ़वाल राइफल्स के लापता सिपाही हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। परिजन रो-रोकर बेसुध हो गए हैं। राजेंद्र सिंह की सलामती के लिए दुआएं मांग रहे हैं। राजेंद्र सिंह नेगी 8 जनवरी से लापता हैं। मूलरूप से चमोली के रहने वाले राजेंद्र सिंह नेगी का परिवार देहरादून में रहता है। लापता फौजी की सकुशल वापसी की मांग को लेकर सामाजिक संगठन सड़कों पर उतर आए हैं। गुरुवार को अलग-अलग संगठनों ने परेड मैदान में धरना प्रदर्शन किया। लोगों ने प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भी भेजा। जिसमें फौजी की तलाश में तेजी लाने और उसे जल्द खोजने की मांग की गई। हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी 11 गढ़वाल राइफल्स में हैं। उनकी तैनाती कश्मीर के गुलमर्ग में थी। 8 जनवरी को राजेंद्र सिंह गश्त के दौरान बर्फ में फिसल गए थे, तब से उनके बारे में कुछ पता नहीं चला। परिजनों ने उनके पाकिस्तान की तरफ चले जाने की आशंका जताई है।

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लापता जवान की सकुशल वापसी के लिए गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान की तरफ से परेड ग्राउंड में धरना कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें सामाजिक संगठनों ने राजेंद्र सिंह नेगी की तलाश तेज करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी का परिवार मानसिक पीड़ा झेल रहा है। उत्तराखंड की जनता भी परेशान है। शिव सेना ने भी लापता सैनिक की वापसी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर सैनिकों के नाम पर राजनीति करने और अपने स्तर से कोई कार्रवाई ना करने का आरोप भी लगाया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मामले में दखल देने और लापता सिपाही की सकुशल वापसी की मांग की।