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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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रुद्रप्रयाग: अगर मान लो तो हार है और ठान लो तो जीत है। ऐसी ही जीत के साथ आज हम बात करेंगे विद्या रावत Vidhya rawat की। पहाड़ की इस बेटी ने ये साबित कर दिया है कि अगर मन मे संकल्प हो तो कोई भी कार्य नामुमकिन नहीं है। हम बात कर रहे हैं विद्या रावत की। विद्या रुद्रप्रयाग अगस्त्यमुनि रेंज में वन आरक्षी के तौर पर कार्यरत हैं। हाल ही में हुई फॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट 2020 में विद्या ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर जीत का डंका बजा दिया है। विद्या की इस स्वर्णिम उपलब्धि से उनके पूरे विभाग में खुशी की लहर छा रखी है। अगस्त्यमुनि रेंज की रेंजर आलोकी ने बातचीत के दौरान बताया कि हाल ही में 3 मार्च से 7 मार्च तक भुवनेश्वर(उड़ीसा) में अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित हुई थी। जिसमें वन आरक्षी विद्या रावत ने हिस्सा लिया था। उन्होंने भारोत्तोलन के 84 किलोग्राम भार-वर्ग की प्रतियोगिता में जीत हासिल करके स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। सारी मुश्किलों और बाधाओं को पार करते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। वे इसी प्रतियोगिता में लगातार दो वर्ष तक राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल करने से चूक रही थीं। इस बार उन्होंने दृढ़ निश्चय के साथ प्रतियोगिता से पूर्व हल्द्वानी में एक माह तक प्रशिक्षण भी लिया था जो उनके बहुत काम आया। विद्या Vidhya rawat के पति विजयपाल रावत होटल व्यवसायी हैं। विद्या के पदक जीतने के पश्चात उनके गांव रूमसी में चारों तरफ़ उल्लास छाया हुआ है।
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