देवभूमि की बेमिसाल कोरोना योद्धा..कैंसर से जूझ रहे हैं पिता, लेकिन ड्यूटी पर तैनात है बेटी

हर बेटी की तरह रुचि भी अपने पिता की लाडली है। कैंसर से जूझ रहे पिता की पूरी जिम्मेदारी रुचि पर है, लेकिन खाकी (Uttarakhand Police) से किया अपना वादा निभाने के लिए वो परिवार को पीछे छोड़कर सड़कों पर तैनात हैं। ताकि आप और हम सुरक्षित रहें...
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Haldwani News: haldwani Lady police constable ruchi serves her duty first over family
Image: haldwani Lady police constable ruchi serves her duty first over family

हल्द्वानी: कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में बहुत से ऐसे हीरो हैं जो परिवार से पहले अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इन्हीं लोगों की वजह से आप और हम सुरक्षित हैं। ऐसी ही एक कोरोना योद्धा हैं हल्द्वानी की रुचि दत्ता। रुचि उत्तराखंड पुलिस (Uttarakhand Police) का हिस्सा हैं। इन दिनों वो लगातार 12 से 14 घंटे तक की ड्यूटी कर रही हैं। रुचि दत्ता के पिता कैंसर से लड़ रहे हैं। उनका इलाज दिल्ली के अस्पताल में चल रहा है। पिता की लाडली रुचि उनका जिक्र आते ही भावुक हो जाती है। हल्द्वानी में तैनात रुचि कहती हैं कि ड्यूटी के दौरान पिता की चिंता बहुत सताती है। उनकी याद भी बहुत आती है, लेकिन आज कोरोना संकट में परिवार से ज्यादा ड्यूटी का फर्ज निभाना जरूरी है। वो परिवार से पहले अपने फर्ज को अहमियत देती हैं।

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जब परिवार की याद आती है तो रुचि फोन या वीडियो कॉल के जरिए परिजनों से बात करती हैं, पर कई बार उनसे मिलना नहीं हो पाता। रुचि कहती हैं कि जैसे ही लॉकडाउन खत्म होगा, मैं अपने पिता को लेकर दिल्ली जाऊंगी, ताकि उनका इलाज हो सके। रुचि ने लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि लोग ये समझने की कोशिश करें कि हम उनके लिए ही सड़कों पर खड़े हैं। इसलिए घर पर रहें, सुरक्षित रहें। रुचि जैसे कोरोना योद्धाओं को राज्य समीक्षा सैल्यूट करता है। रुचि जैसे लोगों की बदौलत ही आप और हम सुरक्षित हैं। उम्मीद है कोरोना का कहर जल्द ही खत्म होगा और रुचि जैसे पुलिस (Uttarakhand Police) के कोरोना वॉरियर्स एक बार फिर अपने परिवार के बीच लौट सकेंगे।