उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता MBA छात्रा बबीता पांडे का 11वें दिन भी कोई सुराग नहीं मिला। अंतिम मोबाइल लोकेशन गोई पड़ाव के पास मिली है, जबकि 120 से अधिक सदस्यीय टीम और ड्रोन उसकी तलाश में जुटे हैं।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: MBA Student Missing from Dayara Bugyal Search Operation Continues
उत्तरकाशी: उत्तरकाशी के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई रामनगर, नैनीताल निवासी MBA छात्रा बबीता पांडे का 11वें दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। छात्रा की तलाश के लिए पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, वन विभाग और स्थानीय लोगों द्वारा युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
MBA Student Missing from Dayara Bugyal, Search Operation Continues
पुलिस सूत्रों के अनुसार बबीता पांडे की अंतिम मोबाइल लोकेशन दयारा बुग्याल के गोई पड़ाव से लगभग 200 मीटर नीचे की ओर मिली है। यह लोकेशन मोबाइल फोन में मौजूद एक ऐप के आधार पर ट्रेस की गई, जो रात करीब डेढ़ बजे तक सक्रिय था। जानकारी के मुताबिक, इस लोकेशन का पता लगाने के लिए एल्फा, बीटा और गामा जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। अब इसी अंतिम लोकेशन को आधार बनाकर खोज अभियान को और तेज कर दिया गया है।
तीन ड्रोन टीमों समेत 120 से ज्यादा लोग तलाश में जुटे
मंगलवार को खोज अभियान के 11वें दिन सीओ उत्तरकाशी जनक सिंह पंवार और बड़कोट की पुलिस अधिकारी चंचल शर्मा के नेतृत्व में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अभियान में पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, वन विभाग, निम (नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग), आपदा प्रबंधन की क्यूआरटी टीम, डॉग स्क्वॉड, स्थानीय गाइड और ग्रामीणों सहित 120 से अधिक लोग शामिल रहे। आगे पढ़िए..
इसके अलावा तीन अलग-अलग ड्रोन टीमों की भी मदद ली गई, लेकिन अब तक छात्रा का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
सोशल मीडिया पर फैली अफवाह का खंडन
इस बीच सोशल मीडिया पर बबीता पांडे के कथित रूप से "परियों द्वारा हरण" किए जाने जैसी अफवाहें भी तेजी से फैलने लगी हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी विनीता रावत ने इन दावों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें न केवल तथ्यों से परे हैं बल्कि अंधविश्वास और रूढ़िवादी सोच को भी बढ़ावा देती हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय छात्रा की खोज के प्रयासों को और तेज किया जाए।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
दयारा बुग्याल जैसे दुर्गम और घने जंगलों वाले क्षेत्र में लगातार चल रहा यह सर्च ऑपरेशन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। खराब भौगोलिक परिस्थितियों और कठिन पहाड़ी इलाकों के बावजूद बचाव दल लगातार छात्रा की तलाश में जुटे हुए हैं। परिवार और स्थानीय लोग भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही बबीता पांडे के बारे में कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आएगी।