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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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नैनीताल: आम इंसान के पास मजबूरी के सिवा और है ही क्या। लॉकडाउन में सबसे बुरी उन पर बीत रही है जो मेहनत-मजदूरी करने दूसरे राज्य में गए और वहीं फंस गए। उत्तराखंड सरकार द्वारा वादे किए जा रहे हैं कि वह प्रवासियों को राज्य में वापिस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार ने ये दावा भी किया है कि अब राज्य वापसी की प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है, जिसके बाद भी कई लोगों को राज्य में वापस आने के लिए बहुत जद्दोजहद करनी पड़ रही है। सवाल यह उठता है कि सरकार के दावों के बाद भी मजदूरों और गरीबों को सेवा का लाभ क्यों नहीं मिल पा रहा है? सरकार से घर वापसी की सभी उम्मीदें छोड़कर गरीब और मजदूर साइकिल पर तो कई पैदल ही अपने-अपने राज्य वापसी कर रहे हैं। ऐसी ही मजबूरी के मारे हैं नैनीताल स्थित रामनगर के बेतालघाट गांव के मूल निवासी भगीरथ। सरकार द्वारा मदद न मिलने के बाद भगीरथ ने राजस्थान के भीलवाड़ा से नैनीताल के लिए साइकिल से ही 800 किमी सफर तय करने का कठोर निर्णय लिया। तीन दिनों तक दिन-रात 800 किलोमीटर साइकिल से पैडल मारने के बाद भगीरथ अपने गांव पहुंचे हैं।