गढ़वाल से कुमाऊं को जोड़ेगा ये नया नेशनल हाईवे, PMO से मिली सैद्धांतिक मंजूरी

गढ़वाल से कुमाऊं को जोड़ने वाले, लक्ष्मण झूला से रानीखेत तक के 300 किलोमीटर लंबे नेशनल हाइवे के निर्माण की सैद्धांतिक स्वीकृति केंद्र सरकार से मिल गई है। इसी के साथ बिना यूपी में प्रवेश किए सीधा राजधानी दून पहुंचा जा सकेगा।
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Uttarakhand National Highway: Garhwal and kumaon link national highway
Image: Garhwal and kumaon link national highway

नैनीताल: एक बहुत ही बड़ी खुशखबरी उत्तराखंड निवासियों के लिए आ रही है। कोरोना की टेंशन के बीच सुखद खबर यह है कि गढ़वाल से कुमाऊं को जोड़ने वाले, लक्ष्मण झूला से रानीखेत तक के 300 किलोमीटर लंबे नेशनल हाइवे के निर्माण की सैद्धांतिक स्वीकृति केंद्र सरकार से मिल गई है। इसी के साथ बिना यूपी में प्रवेश किए सीधा राजधानी दून पहुंचा जा सकेगा। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक समाजसेवी हरीश चंद्र सती ने इस हाइवे के निर्माण को मंजूरी के लिए काफी प्रयास किया था। उन्होंने इसी विषय में प्रदेश सरकार और प्रधानमंत्री को पत्र भी भेजा था और लक्ष्मण झूला से रानीखेत तक नेशनल हाइवे की मांग की थी। पीएमओ ने पत्र का संज्ञान लेते हुए नेशनल हाइवे को सैद्धान्तिक मंजूरी दे दी है। आखिरकार समाज सेवी हरीश चंद्र सती की मेहनत रंग लाई। जल्द ही इसके सर्वे का कार्य शुरू हो जाएगा। यह हर लिहाज से उत्तराखंड के निवासियों के लिए खुशखबरी है। चलिए इस बारे में संक्षिप्त से जानते हैं। आगे पढ़िए

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बता दें कि लंबे समय से इस हाइवे के निर्माण के ऊपर विचार चल रहा था। पहले कुमाऊं से राजधानी दून पहुंचने के लिए उत्तराखंड के लोगों को यूपी से होकर जाना पड़ता था मगर इस हाइवे के बनने के बाद यह समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। इस प्रस्ताव को ऑथोरिटी तक पहुंचाने में मदद की समाजसेवी हरीश चंद्र सती ने। उन्होंने ही प्रधानमंत्री और प्रदेश सरकार को पत्र भेजा था जिसमें उन्होंने गढ़वाल से कुमाऊं को जोड़ने वाले लक्ष्मण झूला से रानीखेत तक के 300 किलोमीटर लंबे नेशनल हाइवे का प्रस्ताव रखा था। हरीश चंद्र सती के पत्र पर पीएमओ ने सड़क व परिवहन मंत्रालय से कुमाऊं एवं गढ़वाल को जोड़ने वाले 300 किलोमीटर लंबे नेशनल हाइवे का प्रस्ताव मांगा था। सड़क मंत्रालय की ओर से पीएमओ को लक्ष्मण झूला ( ऋषिकेश ) से दुगड्डा- नैनीडांडा- शंकरपुर- मोहान- भतरौंजखान-रानीखेत तक के हाइवे का प्रस्ताव भेजा गया। आखिरकार सरकार ने सड़क व परिवहन मंत्रालय के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब जल्द ही हाईवे का सर्वे किया जाएगा। इसी के साथ नेशनल हाइवे को भी डबल लेन किया जाएगा।