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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रुद्रप्रयाग: शोक और केवल शोक... यह साल वाकई उत्तराखंड के लिए बेहद भारी साबित हुआ है। आखिर किसने सोचा था कि पहाड़ों के ऊपर इस साल दुखों का बादल छटेंगे ही नहीं। देखिए न, कोरोना की महामारी के बीच हम अबतक अपने कितने भाई-बन्धुओं को खो चुके हैं। आज पहाड़ का एक और सपूत सभी को हमेशा-हमेशा के लिए रुला कर चला गया है। रुद्रप्रयाग पुलिस के ऊखीमठ थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर रॉबिन बिष्ट ने आज शाम पहाड़ों को अलविदा कह दिया है। इस खबर पर किसी को यकीन नहीं हो पा रहा है। बता दें आज शाम को उनके पेट में दर्द हुआ जिसके बाद उनको अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इतनी कम उम्र में ऐसे जाबाज और मेहनती सपूत की ऐसी अकस्मात मृत्य किसी के भी हृदय को झंझोड़ कर रख देगी। जाबाज अफसर रॉबिन के व्यवहार के सब कायल थे। रुद्रप्रयाग के लोगों से उनको बेहद लगाव था। इतने मिलनसार और खुशमिजाज पुलिस अफसर की मृत्यु के बाद ऊखीमठ समेत रुद्रप्रयाग में शोक की लहर छा रखी है।