उत्तराखंड: नन्हीं दिव्यांशी के लिए फरिश्ता बनकर आए पुलिस अंकल..इस नेक काम को सलाम

उत्तराखंड पुलिस (Uttarakhand Police) में ऐसे भी जवान हैं, जो वक्त वक्त पर समाज में लोगों के लिए फरिश्ता बनकर आते हैं। जवान पवन चौहान को इस काम के लिए साधुवाद
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
Uttarakhand Police: Good work of Uttarakhand police constable Pawan Chauhan
Image: Good work of Uttarakhand police constable Pawan Chauhan

रुद्रप्रयाग: इंसान हर जगह है..चाहे फिर वो आम हो या खास। वो खाकी वाला हो या खादी वाला…एक लिबास के पीछे तो सब इंसान ही हैं। सबसे बड़ी है इंसानियत यानी मानवता। जिसने इस धर्म को निभाया, वो समाज के लिए मिसाल बना। हां ...ये बात भी सच है कि उत्तराखंड पुलिस ने भी कोरोना काल में इंसानियत और मानवता की मिसाल पेश की है। इसी का एक और उदाहरण देखने को मिला उत्तरकाशी में। उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ में नन्हीं सी दिव्यांशी रमोला (उम्र लगभग 1.5 वर्ष) के हाथ के अंगूठे पर हैण्डपम्प में फंसने से काफी ज्यादा चोट लग गई, जिस कारण बच्ची के अंगूठे से खून नहीं रुक रहा था। परिजनों द्वारा आवश्यक उपचार हेतु बच्ची को पास के मेडिकल स्टोर में ले जाया गया परन्तु समय अधिक होने के कारण वह बन्द हो चुका था। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - गढ़वाल: कोरोना से जंग जीते अनुज नेगी, जानिए क्या कहता है उनका अनुभव..देखिए वीडियो
डेढ़ साल की बच्ची दिव्यांशी को बाकी जगह ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था भी नही हो पा रही थी। इस बीच लॉकडाउन ड्यूटी में तैनात उत्तराखंड पुलिस के जवान पवन चौहान को इस घटना का पता चला। उन्होंने जैसे ही इस घटना के बारे में सुना तो वक्त गंवाए बिना मौके पर पहुंचे। बिना देरी किये बच्ची तथा उसके पिता को अपनी मोटर साइकिल से पास के स्वास्थ्य केन्द्र बल्डोगी में ले गये। समय अधिक होने के कारण ये बन्द था। उसके बाद बच्ची को फिर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चिन्यालीसौड़ लाया गया, जहां पर चिकित्सकों द्वारा बच्ची को प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी के लिए रैफर किया गया। बच्ची को आवश्यक उपचार हेतु जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी पहुँचाया गया। उपचार होने के बाद कान्सटेबल द्वारा बच्ची व उसके परिजनों को सुरक्षित घर पहुंचाया गया।

यह भी पढ़ें - पहाड़ की खूबसूरती के बीच शानदार गढ़वाली गीत, अब तक 7 लाख लोगों ने देखा..आप भी देखिए
उत्तराखंड पुलिस ने भी जवान पवन चौहान के इस काम की तारीफ की है। आप भी देखिए ये फेसबुक पोस्ट

“नन्हीं सी दिव्यांशी के लिए खाकी में फरिस्ते से कम नही मित्र पुलिस के पवन”

उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ में नन्हीं सी...

Posted by Uttarakhand Police on Monday, July 6, 2020