उत्तराखंड: हरिद्वार को मिले दो हाईटेक इंटरसेप्टर, अब रफ्तार के शौकीनों की खैर नहीं!

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क हादसों की रोकथाम में इंटरसेप्टर अहम भूमिका निभाएगा। इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए पुलिसकर्मी दूर से ही वाहनों की रफ्तार का पता लगा सकेंगे।
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
Haridwar News: Haridwar district gets two interceptors
Image: Haridwar district gets two interceptors

हरिद्वार: अब हरिद्वार में तेज रफ्तार और नियमों का उल्लंघन करके वाहन चलाने वालों के लिए पुलिस की निगाह से बचना संभव नहीं होगा। हादसों का सबब बनने वाले ओवरस्पीड वाहनों पर लगाम लगाने के लिए जिले में दो नई इंटरसेप्टर कार पहुंच गई हैं। इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए पुलिसकर्मी दूर से ही वाहनों की रफ्तार का पता लगा सकेंगे। जिससे रफ्तार के शौकीनों के खिलाफ कार्रवाई करना आसान होगा। सड़क पर तेज रफ्तार से गाड़ी दौड़ाने वाले बच नहीं पाएंगे। हरिद्वार जिले में हर दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, ऐसे में उम्मीद है कि इंटरसेप्टर वाहन मिलने के बाद हादसों में कमी आएगी। हरिद्वार जिले को दो इंटरसेप्टर वाहन मिले हैं। रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सेंथिल अबूदई कृष्णराज ने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आगे जानिए इनकी खूबियां

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड शहीद बिशन सिंह..31 अगस्त को होना था रिटायर, नया घर बनाने की थी तैयारी
जिले को मिले दो इंटरसेप्टर वाहनों में से एक नगर क्षेत्र में तैनात रहेगा, जबकि दूसरे को ग्रामीण क्षेत्र के लिए रवाना किया गया है। जिले में बड़ी संख्या में एक्सीडेंट के मामले सामने आ रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह वाहनों की तेज रफ्तार होती है। जिले में अभी तक एआरटीओ प्रवर्तन सुरेंद्र कुमार और यातायात निरीक्षक प्रथम बिपेंद्र सिंह को दो इंटरसेप्टर वाहन मिले हुए थे। अब जिले को दो और इंटरसेप्टर वाहन मिल गए हैं। जिससे पुलिस तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाने वालों पर नजर रख सकेगी। चलिए अब आपको इंटरसेप्टर वाहन की खूबियां बताते हैं। इंटरसेप्टर वाहन में आधुनिक लेजर तकनीक पर आधारित कैमरा लगा है।
इसकी लेजर स्पीड रडार गन में दूर से ही खुद नंबर प्लेट पहचानने की क्षमता है। आगे भी पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड के लिए गौरवशाली पल, IAS आशीष चौहान के नाम की गई स्पेन के एक पहाड़ की चोटी
वाहन में सिस्टम, रूफ टॉप कैमरा, रियर व्यू कैमरा, डैश बोर्ड कैमरा, प्रिंटर और मैसेज एलईडी डिस्प्ले लगा है। जिससे चालान तुरंत प्रिंट हो सकता है
शहर में तैनात इंटरसेप्टर वाहन की जिम्मेदारी यातायात निरीक्षक हितेश कुमार को दी गई है। जबकि रुड़की और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात निरीक्षक अकरम इंटरसेप्टर वाहन के जरिए तेज रफ्तार वाहनों पर नजर रखेंगे।
सड़क हादसों के मामले में हरिद्वार बेहद संवेदनशील है। शहर में ओवरस्पीडिंग से वाहन दुर्घटनाएं होती हैं। जिसमें लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। इन पर रोकथाम के लिए इंटरसेप्टर अहम भूमिका निभाएगा। देखना है आगे क्या होता है।