तुंगनाथ मंदिर की छवि को निखारने हेतु मंदिर परिसर में खास राजस्थान से कटप्पा पत्थर मंगवाए गए हैं। जानिए तुंगनाथ मंदिर की छवि होने वाले भव्य बदलाव
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Komal Negi
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Image: Katappa stone will be installed in Tungnath temple complex
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड देवभूमि अपने मन्दिरों और देवस्थानों के लिए जाती है। यहां के लोगों का देवी-देवताओं के ऊपर विश्वास ही राज्य की धरोहर है। राज्य में कई ऐसे मंदिर मौजूद हैं जो सैकड़ों साल से अस्तित्व में हैं। इतिहास में जिनका नाम दर्ज है और जिनमें आज भी लोगों की श्रद्धा है। ऐसा ही एक विश्व प्रसिद्ध मंदिर रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। जी हां, हम बात कर रहे हैं विश्व भर में प्रसिद्ध तृतीय केदार तुंगनाथ की। गढ़वाल के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित तुंगनाथ मंदिर जो कि तुंगनाथ पर्वत पर स्थित है। तुंगनाथ मंदिर पंच केदार में से एक है और पंच केदारों में यह दूसरे नंबर पर आता है। यह पंच केदारों में सबसे ऊंचाई पर स्थित है। 3,680 मीटर की ऊंचाई पर बना यह मंदिर हजार वर्ष से भी अधिक पुराना माना जाता है। बता दें कि चोपता समुद्र स्थल से यह 12000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है जहां से 3 किलोमीटर की पैदल यात्रा करने के बाद 13000 फुट की ऊंचाई पर यह तुंगनाथ मंदिर है। आगे पढ़िए
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इसी बीच बाबा केदार के भक्तों के लिए और तुंगनाथ मन्दिर के दर्शन करने की इच्छा पाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर आ रही है। तृतीय केदार तुंगनाथ की छवि में प्रशासन द्वारा बदलाव किया जा रहा है। तुंगनाथ क्षेत्र के विकास के लिए 3 करोड़ 42 लाख रुपए से बुनियादी सुविधाओं के साथ ही मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे कुछ ही समय में मंदिर और अधिक आकर्षक हो जाएगा। इससे मंदिर की भव्यता बढ़ेगी। खास बात यह है कि मंदिर की छवि को निखारने हेतु मंदिर परिसर में मरुभूमि यानी राजस्थान से कटप्पा पत्थर मंगवाए गए हैं। मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम 25 सितंबर से पहले-पहले पूरा हो जाएगा। रुद्रप्रयाग जिले में चोपता पर्यटन की दृष्टि से खासा महत्व रखता है। वहीं दूसरी ओर तृतीय केदार तुंगनाथ भी धार्मिक महत्व के रूप में काफी विख्यात है और हर साल सैकड़ों लोग केदारनाथ तुंगनाथ के दर्शन के लिए आते हैं।
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यात्रा सीजन में तो बड़ी संख्या में तीर्थयात्री दर्शन के लिए पहुंचते ही हैं वहीं शीतकाल में भी मंदिर में दर्शन करने और बर्फ से ढके पहाड़ों का आनंद लेने के लिए लोग मंदिर में दर्शन हेतु जाते हैं। वहीं रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी वंदना सिंह के मुताबिक मंदिर परिसर के 500 वर्ग फीट क्षेत्रफल में राजस्थान से मंगवाए गए कटप्पा पत्थर लगाए जा रहे हैं। इसको लगाने के बाद मंदिर परिसर की सुंदरता और भी अधिक निखर जाएगी। मंदिर और भी अधिक आकर्षक और सुंदर हो जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि उन्होंने पहले ही क्षेत्र का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले लिया है। अब तुंगनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य को समय पर पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। सितंबर के आखिरी तक मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा हो जाएगा।