हल्द्वानी, रामनगर में पाइप लाइन से घरों में पहुंचेगी गैस..जानिए प्रोजक्ट की बड़ी बातें

रामनगर के लोगों को अब गैस सिलेंडर के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने की तैयारी शुरू हो गई है, आगे जानिए प्रोजेक्ट से जुड़ी हर डिटेल
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Haldwani PNG: Haldwani PNG pipeline laid in Ramnagar
Image: Haldwani PNG pipeline laid in Ramnagar

रामनगर: रामनगर वासियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब उन्हें गैस सिलेंडर के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। शहर में पाइप लाइन के जरिए रसोई गैस सीधे घरों तक पहुंचाई जाएगी। योजना से रामनगर के साथ-साथ हल्द्वानी को भी जोड़ा जाएगा। शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने की कवायद शुरू कर दी गई है। सरकार इसके लिए टेंडर करा रही है। राज्य समीक्षा आपको प्रोजेक्ट की पूरी डिटेल देगा, साथ ही इससे शहवासियों को क्या फायदे होंगे, ये भी बताएंगे। सबसे पहले प्रोजेक्ट की बात करते हैं। रामनगर में गैस पाइप लाइन बिछाने का जिम्मा हिंदुस्तान पेट्रोलियम को दिया गया है। प्रोजेक्ट के तहत काशीपुर से रामनगर तक गैस की आपूर्ति की जाएगी। फिलहाल रामनगर में गैस पाइप लाइन बिछाने की प्रक्रिया जारी है, बाद में योजना से हल्द्वानी शहर को भी जोड़ा जाएगा। प्रोजेक्ट पर करीब तीन सौ करोड़ की लागत आएगी। काशीपुर तक गैस पाइप लाइन बिछ चुकी है। अब इसे रामनगर तक पहुंचाने का फैसला लिया गया है। गैस की आपूर्ति के लिए 12 इंच की पाइप लाइन बिछाई जाएगी। मुख्य लाइन से गलियों, मोहल्लों और कॉलोनियों तक छह इंच, चार इंच और दो इंच की पाइप लाइन बिछाई जाएगी।

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गलियों और मोहल्लों में पाइप लाइन बिछने के बाद घरों को पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा। घरों में आधा और पौन इंच की पाइप लाइन के जरिए गैस की सप्लाई की जाएगी। रामनगर में वाहनों को गैस से चलाने के लिए सड़क किनारे सीएनजी स्टेशन भी स्थापित होंगे, जिससे कई लोगों को रोजगार मिलेगा। घरों के अलावा होटलों और उद्योगों को भी पाइप लाइन से गैस मिलेगी। अब इससे क्या-क्या फायदे होंगे ये भी जान लें। प्राकृतिक गैस हल्की होने की वजह से सुरक्षित मानी जाती है। प्राकृतिक गैस को ही कंप्रेस्ड कर वाहनों में भरा जाता है, जिसे हम सीएनजी कहते हैं। ये गैस पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सस्ती पड़ती है। गैस पाइप लाइन बिछने से उपभोक्ताओं को सहूलियत मिलेगी। उन्हें सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। घर में खर्च होने वाली गैस का भुगतान मीटर के हिसाब से करना होगा। घरों में पाइप के जरिए गैस पहुंचने से लोगों को सिलेंडर ना मिलने की दिक्कत से छुटकारा मिल जाएगा।