1100 केवी का हाईटेंशन तार की चपेट में आने से नर्सिंग होम में कार्यरत एक युवक की सड़क के बीचों-बीच जलकर दर्दनाक मृत्यु हो गई।
-
Komal Negi
-
Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
Image: Haldwani youth stuck in high tension line
नैनीताल: उत्तराखंड का नैनीताल जिला..... आज सुबह कुछ ऐसा हुआ जिसने सभी के होश उड़ा दिए हैं। घटना नैनीताल के हल्द्वानी की है जहां आज सुबह 9 बजे एक युवक ड्यूटी पर जाते वक्त 1100 कीवी के हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया और सड़क के बीचों-बीच युवक की जलकर दर्दनाक मृत्यु हो गई। युवक सड़क पर तड़पता रहा और सड़क पर खुली झूलती हुई हुई हाईटेंशन की तार प्रशासन के ऊपर तमाम सवाल उठाती रही। जी हां, युवक का तार की चपेट में आना महज हादसा नहीं है बल्कि सिस्टम का बहुत बड़ा फेलियर भी है। बताया जा रहा है कि बिजली का तार कई दिनों से झूल रहा था। कई बार वहां के लोगों द्वारा इसे दुरुस्त करवाने के लिए विभाग के अधिकारियों से मांग की जा रही थी, मगर विभागीय अधिकारियों की नींद शायद अब भी नहीं टूटी है। अगर बिजली विभाग द्वारा उस टूटी तार की मरम्मत कराके उसको दुरुस्त करवा दिया जाता तो शायद आज युवक की जान बच जाती
यह भी पढ़ें - देहरादून में आज से खुल गए बार, 6 महीने से इंतजार कर रहे थे संचालक
फिलहाल क्षेत्र में बिजली की सप्लाई को पूरी तरीके से ठप कर दिया गया है। वहीं लोगों के बीच घटना के बाद से ही आक्रोश बढ़ता दिखाई दे रहा है। युवक की मृत्यु के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। चलिए आपको पूरी घटना से अवगत कराते हैं। दमूवाढुंगा खाम जवाहर ज्योति हल्द्वानी निवासी कमल रावत नैनीताल रोड पर स्थित एसके नर्सिंग होम में कर्मचारी था। हर रोज की तरह है आज भी सुबह वह साइकिल से ड्यूटी के लिए निकला। मगर शायद उसे यह अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में उसके साथ इतना बड़ा हादसा हो जाएगा कि उसकी जान चली जाएगी। नैनीताल रोड पर बृजलाल अस्पताल के पास 1100 केवी का हाईटेंशन तार कई दिनों से झूल रहा था। बदकिस्मती से कमल रावत उस तार की चपेट में आ गया और देखते ही देखते वह धू-धू कर के सड़क के बीचों-बीच जलने लगा। इसके बाद वहां पर आसपास के लोग जमा हो गए। वहीं हादसे के वक्त घटनास्थल पर मौजूद ललित नाम के युवक ने जब कमल को जलते देखा तो उसने पास ही पड़े एक बांस के डंडे को उठाकर उसको बचाने की कोशिश की मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी और कमल की जलकर मृत्यु हो चुकी थी। घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और लोग बेहद डरे हुए हैं। इसी के साथ लोगों के बीच में बिजली विभाग के खिलाफ रोष भी साफ दिख रहा है।
यह भी पढ़ें - देहरादून: काश! मान ली होती DIG की बात..तो नहीं होती ऐसी वारदात
हादसे के बाद तुरंत ही लोगों ने बिजली विभाग को इस हादसे की सूचना दी की सूचना दी। मगर इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं खुली। 9 बजे यह घटना घटी उसके बाद तुरंत ही लोगों ने बिजली विभाग को इस बारे में सूचित किया, मगर घटनास्थल पर 10 बजे तक विभाग के किसी भी कर्मचारी ने आकर परिस्थितियों का जायजा नहीं लिया जिसके कारण लोगों के बीच रोष बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि पहले तो विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही और बातों को अनसुना कर देने की पुरानी आदत की वजह से एक युवक की जान चली गई, वहीं अब कोई भी विभाग का अधिकारी या कर्मचारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा है जो कि साफ तौर पर प्रशासन की लापरवाही दिखा रहा है। इसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए। वही दर्दनाक हादसे का शिकार हुए कमल रावत की मृत्यु के बाद से उसके घर में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।