बीएसएफ जवान हयात सिंह पपोला की श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ गई थी। साथी जवान उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन हयात सिंह बच नहीं सके।
-
Komal Negi
-
Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Uttarakhand BSF jawan Hayat Singh died
बागेश्वर: उत्तराखंड एक बार फिर शोक में डूबा है। पहाड़ के एक जांबाज का जम्मू-कश्मीर में निधन हो गया। बागेश्वर के रहने वाले हयात सिंह पपोला बीएसएफ में कार्यरत थे। इन दिनों उनकी ड्यूटी जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में थी। जवान हयात सिंह का परिवार बागेश्वर जिले के बनलेख के सैंथर तोक गांव में रहता है। कुछ दिन पहले उनकी ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ गई थी। साथी जवान उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन हयात सिंह पपोला बच नहीं सके। हार्ट अटैक की वजह से उनका निधन हो गया। घटना के बाद से उनका परिवार सदमे में है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रविवार को बीएसएफ जवान हयात सिंह का पार्थिव शरीर सेना के वाहन से उनके पैतृक गांव लाया गया। जहां रविवार को सरयू-गोमती संगम पर सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई। बीएसएफ जवान हयात सिंह पपोला 52 साल के थे। वो अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिजनों ने बताया कि इन दिनों हयात सिंह जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ड्यूटी कर रहे थे। आगे पढ़िए
यह भी पढ़ें - पौड़ी गढ़वाल में पैराग्लाइडिंग के दौरान हादसा, लैंडिंग करते वक्त गिरा पैराग्लाइडर..देहरादून रेफर
तीन दिन पहले ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनका इलाज चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। हयात सिंह ने सीने में दर्द की शिकायत की। जिसके बाद साथी जवान उन्हें तुरंत आर्मी हॉस्पिटल ले गए। जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। हयात सिंह के निधन का समाचार जैसे ही उनके गांव पहुंचा, वहां मातम पसर गया। परिजन बिलखने लगे। परिवार वाले उनके अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहे थे। ये इंतजार रविवार को खत्म हुआ। रविवार को सेना के वाहन से हयात सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया। जहां उन्हें अंतिम विदाई दी गई। हयात सिंह के निधन के बाद उनकी पत्नी गोविंद देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। हयात सिंह के दो बेटे और तीन बेटियां हैं। एक बेटा सेना में तैनात है, जबकि एक बेटी का कुछ ही समय पहले विवाह हुआ है। ग्राम प्रधान हीरा देवी ने बताया कि हयात सिंह मिलनसार स्वभाव के थे। जब भी छुट्टी पर गांव आते थे तो फौज के किस्से सुनाकर लोगों का दिल जीत लेते थे। उनका एक बेटा और भाई भी सेना में तैनात है। बीएसएफ जवान हयात सिंह के निधन से गांव में मातम पसरा है। लोगों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।