रुद्रप्रयाग: 52 साल के व्यक्ति ने की खुदकुशी, किराए के कमरे में पड़ी मिली लाश

रुद्रप्रयाग के थाना अगस्त्यमुनि के रहने वाले 52 वर्षीय व्यक्ति ने अज्ञात कारणों के चलते हाल ही में किराए के मकान में फांसी लगाकर अपनी जिंदगी खत्म कर दी। आगे पढ़िए पूरी खबर-
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Rudraprayag News: 52 year old man commits suicide in Rudraprayag
Image: 52 year old man commits suicide in Rudraprayag

रुद्रप्रयाग: आत्महत्या के केस राज्य में दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं, जो कि बेहद चिंताजनक बात है। अधिकतर केसों में डिप्रेशन और मेंटल हेल्थ की वजह से लोग सुसाइड जैसा बड़ा कदम उठाते हैं। ऐसे में मेंटल हेल्थ के ऊपर बात करना बेहद जरूरी है। हाल ही में राज्य में एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति ने फांसी लगा कर अपनी जिंदगी खत्म की। व्यक्ति की उम्र 52 साल बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने व्यक्ति की लाश को बरामद कर लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्महत्या करने के पीछे के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है और पुलिस परिजनों से इस बारे में पूछताछ चल रही है। व्यक्ति रुद्रप्रयाग के थाना अगस्त्यमुनि का रहने वाला था। 52 वर्षीय व्यक्ति ने अज्ञात कारणों के चलते हाल ही में किराए के मकान में फांसी लगाकर अपनी जिंदगी के आगे पूर्ण विराम लगा दिया। सूचना मिलने पर तत्काल रुप से थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार कौशल और पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। मृतक व्यक्ति किराए के मकान में रहता था। पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल में भेज दिया गया है। आगे पढ़िए

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रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल मृतक के परिजनों से पूछताछ चल रही है। इसी के साथ जिस मकान में व्यक्ति रहता था उस मकान मालिक से भी पूछताछ की जा रही। बता दें कि इससे पहले भी यूएसनगर के रुद्रपुर में एक 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली बालिका ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी। यह देखना बेहद दुखदायी है कि लोग अपने दुख व्यक्त करने की बजाय अपनी जिंदगी खत्म कर रहे हैं। युवाओं से लेकर अधेड़ उम्र तक के लोग सुसाइड जैसा बड़ा कदम उठा रहे हैं, बिना यह सोचे कि उनके इस कदम का उनके परिजनों के ऊपर क्या असर पड़ेगा। यह समय है कि हम अपने आसपास मौजूद लोगों से बात करें, उनकी तकलीफों को समझें। डिप्रेशन महज बुरा वक्त नहीं बल्कि बीमारी है जिसका इलाज करना जरूरी है। आप भी अपने आसपास रह रहे लोगों से बात करें, उनकी तकलीफें सुनें, क्योंकि आपका एक छोटा सा कदम एक जिंदगी बचा सकता है।