पुलिस ने बदरीनाथ से लौट रहे 250 यात्रियों को कीर्तिनगर बैरियर पर रोक लिया। पुलिस ने कहा कि रात के वक्त ऋषिकेश में एंट्री नहीं मिल सकती। इसी को लेकर पुलिस और यात्रियों में झड़प हो गई।
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Komal Negi
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Image: Passengers coming to Badrinath from Rishikesh argue with the police
श्रीनगर गढ़वाल: कोरोना महामारी के बीच उत्तराखंड में तीर्थाटन और पर्यटन ने रफ्तार पकड़ ली है। पर्यटकों की आमद अचानक बढ़ने से प्रशासन को भी कई चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनाए रखने में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। रात 8 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक यात्रा रूट पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है। इस नियम को लेकर रविवार रात यात्रियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। दरअसल पुलिस ने बदरीनाथ से लौट रहे लगभग 250 यात्रियों को कीर्तिनगर बैरियर पुल के पास रोक लिया था। पुलिस ने बताया कि रात के वक्त ऋषिकेश के लिए एंट्री नहीं मिल सकती। इसी बात पर यात्री भड़क गए। इस दौरान यात्रियों की पुलिस से तीखी झड़प भी हुई।
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बाद में पुलिस ने यात्रियों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया। जिसके बाद यात्री मजबूरी में कीर्तिनगर में ही रुकने को तैयार हो गए। इस तरह ढाई सौ से ज्यादा यात्रियों ने रविवार की रात कीर्तिनगर में ही गुजारी। पहाड़ी रास्तों में रात के सफर में जोखिम बना रहता है। अंधेरे के दौरान हादसे भी होते हैं। बीते 29 सितंबर को टिहरी के जीरो प्वाइंट में एक कार हादसे का शिकार हो गई थी। जिसमें चार लोगों की जान चली गई। सड़क हादसे के बाद टिहरी जिला प्रशासन ने रात 8 बजे के बाद गाड़ियों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। यात्रा काल के दौरान रात 8 बजे से सुबह 4 बजे तक यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इसी नियम को लेकर रविवार रात यात्री कीर्तिनगर बैरियर के पास पुलिस से भिड़ गए।
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रात 9 बजे बदरीनाथ की तरफ से आ रहे यात्री ऋषिकेश जा रहे थे। पुलिस ने इन्हें कीर्तिनगर बैरियर के पास रोक लिया। पुलिस ने उन्हें बताया कि रात के वक्त पहाड़ी रास्तों पर सफर करना सेफ नहीं है। यहां लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन लोग कुछ सुनने को तैयार नहीं हुए। यात्रियों का आरोप है कि बिना गाइडलाइन जारी किए ही टिहरी पुलिस रात के वक्त यात्रा पर रोक लगा रही है। जगह-जगह जाम लगने की वजह से यात्री पहले ही परेशान हैं, उस पर पुलिस भी उन्हें सहयोग नहीं कर रही। हालांकि पुलिस ने कहा कि जिला प्रशासन की तरफ से यह आदेश पहले से ही प्रभावी है। पुलिस के समझाने और पिछले दिनों हुई दुर्घटना का हवाला देने पर यात्री कीर्तिनगर में ही रुकने के लिए तैयार हो गए। इस तरह ढाई सौ से ज्यादा यात्रियों ने रविवार की रात कीर्तिनगर में गुजारी।