Uttarakhand News: कद्दूखाल स्थित सुरकंडा रोपवे में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल हुई। NDRF, ITBP और रोपवे टीम ने चार पर्यटकों का रेस्क्यू किया।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Surkanda Ropeway Mock Drill Ndrf Itbp Rescue Tehri Uttarakhand
टिहरी गढ़वाल: जनपद टिहरी के कद्दूखाल स्थित सुरकंडा रोपवे में किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की तैयारियों का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान रोपवे में तकनीकी कारणों से पर्यटकों के फंसने की स्थिति बनाई गई और इसके बाद रेस्क्यू टीमों को तत्काल कार्रवाई के लिए सक्रिय किया गया।
Surkanda Ropeway Mock Drill Ndrf Itbp Rescue Tehri Uttarakhand
मॉक ड्रिल के दौरान सबसे पहले रोपवे की रेस्क्यू टीम ने एक पर्यटक को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद दूसरे पर्यटक को NDRF की टीम ने रेस्क्यू किया। तीसरे पर्यटक को सुरक्षित निकालने के लिए ITBP और NDRF की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस दौरान टीमों के बीच आपसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई का अभ्यास किया गया।
अंतिम पर्यटक मिथुन दास को भी किया गया रेस्क्यू
मॉक ड्रिल के दौरान अंतिम पर्यटक मिथुन दास को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के बाद घबराहट के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थत्यूड़ ले जाया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम रही मौके पर मौजूद
मॉक ड्रिल के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर तैनात रही। रेस्क्यू किए गए पर्यटकों को आवश्यकता के अनुसार प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी। इस अभ्यास के जरिए यह भी परखा गया कि किसी वास्तविक आपदा की स्थिति में रेस्क्यू के साथ-साथ घायलों और प्रभावित लोगों को कितनी तेजी से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है। आगे पढ़िए..
NDRF और ITBP समेत कई विभागों ने लिया हिस्सा
सुरकंडा रोपवे मॉक ड्रिल में कई विभागों और एजेंसियों ने भाग लिया। रोपवे रेस्क्यू टीम के साथ NDRF और ITBP की टीमें भी रेस्क्यू अभियान में शामिल रहीं। मौके पर प्रशासन, पर्यटन, स्वास्थ्य, राजस्व, पुलिस/सुरक्षा से जुड़े कार्मिक और अन्य विभागों की टीमें भी अपने-अपने स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में तैनात रहीं।
अधिकारियों की मौजूदगी में परखी गई तैयारियां
मॉक ड्रिल के दौरान एसडीएम धनोल्टी अंशुल भट्ट, जिला पर्यटन अधिकारी एस.एस. राणा, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. दिविता और तहसीलदार मो. शादाब सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इसके अलावा बीडीओ जौनपुर, एआरटीओ टिहरी, होमगार्ड, राजस्व विभाग के कार्मिक और PWD थत्यूड़ की टीम भी राहत एवं रेस्क्यू कार्यों में तैनात रही।
आपदा की स्थिति में समन्वय का किया गया अभ्यास
सुरकंडा रोपवे में आयोजित इस मॉक ड्रिल के जरिए आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की क्षमता को परखा गया। साथ ही त्वरित रेस्क्यू, प्रभावित पर्यटकों को सुरक्षित निकालने, चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और राहत व्यवस्था को सक्रिय करने का अभ्यास किया गया। रोपवे जैसे पर्यटन स्थलों पर किसी तकनीकी समस्या या अन्य आपात स्थिति के दौरान यात्रियों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में इस तरह की मॉक ड्रिल वास्तविक घटना के समय बचाव कार्य को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकती है।