उत्तराखंड: बदरी-केदार धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की बंपर भीड़, टूटने लगे रिकॉर्ड

कोरोना काल में चार धाम यात्रा के लिए हो रही बुकिंग में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। अब तक कुल 57,000 श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। पढ़िए उत्तराखंड से आई सुखद खबर-
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Char Dham Yatra Uttarakhand: Crowd of devotees in Badrinath Kedarnath
Image: Crowd of devotees in Badrinath Kedarnath

चमोली: उत्तराखंड में चार धाम यात्रा का हर साल श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार करते हैं। मगर इस वर्ष कोरोना के चलते चार धाम यात्रा का संचालन करने में काफी विलंब हो गया। बता दें कि प्रदेश सरकार ने 1 जुलाई से प्रदेश के निवासियों को और 25 जुलाई से अन्य राज्य के श्रद्धालुओं को चार धाम यात्रा करने की अनुमति दे दी गई थी। उत्तराखंड चार धाम की यात्रा को शुरू हुए तकरीबन 3 महीने बीत चुके हैं। हालांकि 1 जुलाई से चार धाम यात्रा में आवाजाही शुरू हो गई थी मगर उस समय श्रद्धालुओं की संख्या बेहद कम थी। मगर अब धीरे-धीरे वापस से सब सामान्य हो रहा है। अनलॉक 5 के तहत बसों की सेवाओं को भी बहाल कर दिया गया है जिससे श्रद्धालु बाहरी राज्यों से भी बड़ी तादात में चार धाम पहुंच रहे हैं। जी हां, कोरोना काल के दौरान अभी तक कुल 57,000 श्रद्धालु धाम के दर्शन कर चुके हैं। उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड की ऑफिशल वेबसाइट पर सोमवार की शाम तक तकरीबन 3,255 लोगों ने चारधाम की यात्रा करनें हेतु ई-पास बुक कराए। सबसे अधिक ई-पास केदारनाथ धाम के लिए बुक हुए हैं। केदारनाथ धाम के लिए कुल, 1784, बद्रीनाथ धाम के लिए 967 गंगोत्री के लिए 282 और यमुनोत्री के लिए 222 लोगों ने ई-पास बुक कराए हैं।

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शुरुआती दिनों में धाम के कपाट खुलने के बाद श्रद्धालु बेहद कम संख्या में चार धाम आ रहे थे। जिससे वहां के लोकल दुकानदारों एवं होटल से जुड़े लोगों के ऊपर भी काफी प्रभाव पड़ा था। मगर अब यात्रियों की तादाद बढ़ गई है और सब कुछ वापस सामान्य हो रहा है। श्रध्दालुओं की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए बद्रीनाथ धाम में भी धर्मशालाएं और होटल खुल गए हैं जिससे व्यवसायियों के चेहरे पर खुशी वापस लौट आई है। अपर मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह के मुताबिक देवस्थान विभाग ने 1 जुलाई से 5 अक्टूबर की शाम 5:00 बजे तक एक लाख से ज्यादा ई- पास जारी किए थे। यह ई-पास तीर्थ यात्रियों द्वारा दी गई तारीखों के मुताबिक ही जारी किए गए हैं। खुशखबरी यह है कि इन 1 लाख ई-पासों में से 57 हजार पास तीर्थयात्रियों द्वारा बुक हो चुके हैं।

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देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़ ने बताया धीरे-धीरे श्रद्धालुओं की संख्या चार धामों के बीच में बढ़ रही है। इससे होटल और धर्मशालाओं के कारोबार से जुड़े लोगों के बीच में भी खुशी की लहर दौड़ पड़ी है और उनका धंधा भी अब वापस से पटरी पर वापस आ रहा है। वहीं चार धाम में यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा कोविड-19 के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। उत्तराखंड चार धाम देव स्थानम प्रबंध बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमन रविनाथन के अनुसार बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम मंदिर में थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन एवं मास्क की भी पूरी व्यवस्था कर दी गई है। कोरोना को देखते हुए घंटियों को भी कपड़ों से ढक दिया गया है। इसी के साथ मंदिरों में मूर्तियों को छूने और प्रसाद के वितरण पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।