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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड देवभूमि अपने मन्दिरों और देवस्थानों के लिए जाती है। यहां के लोगों का देवी-देवताओं के ऊपर विश्वास ही राज्य की धरोहर है। राज्य में कई ऐसे मंदिर मौजूद हैं जो सैकड़ों साल से अस्तित्व में हैं। इतिहास में जिनका नाम दर्ज है और जिनमें आज भी लोगों की श्रद्धा है। ऐसा ही एक विश्व प्रसिद्ध मंदिर रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। जी हां, हम बात कर रहे हैं विश्व भर में प्रसिद्ध तृतीय केदार तुंगनाथ की। विश्व के सबसे ऊंचे शिवालय तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के प्राचीन मंदिर को राष्ट्रीय महत्व की विरासत के रूप में संरक्षित किया जाएगा। अगले वर्ष से मंदिर के सभामंडप के संरक्षण का कार्य शुरू होगा। मंदिर व परिसर के संरक्षण के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) द्वारा केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। आगे पढ़िए