Uttarakhand News: नैनीताल के गंगोरी गांव में भू-धंसाव विकराल हो गया है। 30 से अधिक घर और तीन दुकानें खतरे में हैं, जबकि हाईवे के 150 मीटर हिस्से में चार फीट तक चौड़ी दरारें आई हैं।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Gangori Village Faces Severe Land Subsidence Risk in Nainital
नैनीताल: जनपद नैनीताल के रामगढ़ ब्लॉक के गंगोरी गांव में लगातार बारिश के बीच भू-धंसाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले चार दिनों से जमीन लगातार खिसकने के कारण गांव के कई मकानों और दुकानों में दरारें आने लगी हैं। अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे से सटे करीब 150 मीटर क्षेत्र में दरारें आने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ स्थानों पर दरारें करीब चार फीट तक चौड़ी हो गई हैं। इससे सड़क के साथ-साथ आसपास बने मकानों पर भी खतरा बढ़ गया है।
Gangori Village Faces Severe Land Subsidence Risk in Nainital
भू-धंसाव का असर गांव के 30 से अधिक आवासीय भवनों पर पड़ा है। इसके अलावा तीन दुकानों में भी बड़ी दरारें आई हैं। ग्राम प्रधान नीमा का मकान भी खतरे की जद में बताया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान ने अपने परिवार के सात सदस्यों के साथ पड़ोसी के घर में शरण ली है। हाईवे किनारे स्थित ईश्वर सिंह नेगी की दुकान और मकान में भी दरारें बढ़ने की जानकारी सामने आई है। किरायेदार भीम सिंह ने दुकान का सामान हटाना शुरू कर दिया है।
गुप्तेश्वर मंदिर का मुख्य रास्ता भी हुआ क्षतिग्रस्त
भू-धंसाव से गांव में आवाजाही भी प्रभावित हुई है। सुप्रसिद्ध गुप्तेश्वर मंदिर का मुख्य मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। वहीं, पेट्रोल पंप के ऊपरी हिस्से में बनी सुरक्षा दीवार भी गिरने के कगार पर पहुंच गई है। हाईवे के लगातार धंसने से इस मार्ग पर आवाजाही को लेकर भी खतरा बढ़ गया है।
तीन साल पहले ग्रामीणों ने जताई थी आशंका
ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे चौड़ीकरण के दौरान करीब तीन वर्ष पहले ही क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग उठाई गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे के किनारे बारिश के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले भी हाईवे पर धंसाव की स्थिति सामने आई थी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय मिट्टी डालकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया। ग्रामीण अब एनएच विभाग को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और उनका कहना है कि समय रहते ठोस सुरक्षात्मक कार्य किए गए होते तो हालात इतने गंभीर नहीं होते।
150 से ज्यादा लोग प्रभावित होने का दावा
गांव में भू-धंसाव के कारण 150 से अधिक लोगों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि बारिश के दौरान जमीन खिसकने का सिलसिला जारी रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है। बुधवार को ग्रामीणों ने बैठक कर स्थिति पर चर्चा की और प्रशासन तथा संबंधित विभाग के प्रति नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने एनएच टीम को दिए निरीक्षण के निर्देश
नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने गंगोरी गांव में भू-धंसाव की स्थिति का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि एनएच की टीम को मौके पर भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा। जिलाधिकारी के अनुसार, ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जल्द सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्राम प्रधान नीमा देवी का कहना है कि यदि समय रहते भू-धंसाव को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए गए होते तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे। ग्रामीणों की मांग है कि हाईवे और गांव के आसपास भू-धंसाव को रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
150 से ज्यादा लोग प्रभावित होने का दावा
वर्ष 2023 में जोशीमठ में हुए भू-धंसाव और उससे पैदा हुए संकट की यादें अभी भी लोगों के जेहन में हैं। ऐसे में गंगोरी गांव में लगातार जमीन धंसने और मकानों में बढ़ती दरारों ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। फिलहाल प्रशासन की टीम मौके का निरीक्षण करेगी। इसके बाद भू-धंसाव के कारणों और प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षात्मक कार्यों को लेकर आगे की कार्रवाई तय होने की उम्मीद है।