जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है, माता-पिता को अनहोनी की आशंका सताने लगी है। बच्चियों के परिजन बेचैन हैं, सरकार-प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
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Komal negi
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Image: Two girl missing from gangaad village uttarkashi
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड का सीमांत जिला उत्तरकाशी। यहां रहने वाली दो बच्चियां पिछले तीन दिन से लापता हैं। माता-पिता और ग्रामीण बच्चियों की तलाश में जुटे हैं, लेकिन उनका अब तक कुछ पता नहीं चल पाया। जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है, माता-पिता को अनहोनी की आशंका सताने लगी है। बच्चियों के परिजन बेचैन हैं, सरकार-प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। घटना मोरी तहसील के सुदूरवर्ती गांव गंगाड की है। ये गांव गोविंद पशु वन्य जीव विहार के अंतर्गत आता है। 13 साल की निर्मला और 11 साल की शर्मिला यहीं रहती थीं। दूसरी पहाड़ी बच्चियों की तरह ये दोनों भी माता-पिता के काम में हाथ बंटाया करती थीं। तीन दिन पहले निर्मला और शर्मिला लकड़ियां बीनने के लिए गांव के पास स्थित जंगल गई थीं। ये आखिरी मौका था, जब परिजनों और ग्रामीणों ने निर्मला और शर्मिला को देखा था, इसके बाद दोनों लापता हो गईं। लकड़ियां बीनने गईं ये किशोरियां देर शाम तक भी घर वापस नहीं लौटीं। किशोरियों के लापता होने पर ग्रामीणों ने जंगल में खोजबीन की, लेकिन किशोरियों का कुछ पता नहीं लग पाया।
जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है, परिजनों को अनहोनी की आशंका सताने लगी है। गंगाड गांव पहाड़ के दूरस्थ गांवों में से एक है। यहां मोबाइल नेटवर्क नहीं रहता। सड़क मार्ग से भी गांव की दूरी बहुत ज्यादा है। जिसके चलते ग्रामीण तहसील प्रशासन को समय से सूचना नहीं दे पाए। बाद में किसी तरह स्थानीय निवासी राजपाल रावत ने मामले में तहसीलदार को सूचना दी। नायब तहसीलदार चमन सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्हें किशोरियों के लापता होने की सूचना मिली है। बच्चियों को ढूंढने के लिए एक टीम गांव भेज दी गई है। टीम गांव पहुंच कर सर्च ऑपरेशन चलाएगी। वहीं किशोरियों के लापता होने के कारण अब ग्रामीणों और परिजनों को अनहोनी का डर सताने लगा है। माता-पिता अपनी लाडली बेटियों के घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ये इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा। ग्रामीण भी बच्चियों की तलाश में जुटे हैं। अब प्रशासन की टीम को मौके पर भेज दिया गया है। भगवान करे कि बच्चियां जहां भी हों, सुरक्षित हों, उनकी सलामती की खबर जल्द मिले।