उत्तराखंड: शराब के ठेकों में ओवररेटिंग का धंधा..SP ने मारा छापा तो हुआ बड़ा खुलासा

उत्तराखंड के शराब के ठेकों में धड़ल्ले से चल रहा है ओवररेटिंग का धंधा। बागेश्वर में शराब के ठेके में ओवररेटिंग कर रहे दो आरोपियों को पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ लिया है। आगे पढ़िए पूरी खबर-
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liquor contracts Uttarakhand: Overrating in Uttarakhand liquor contracts
Image: Overrating in Uttarakhand liquor contracts

बागेश्वर: उत्तराखंड में शराब खरीदना अब लोगों की जेब के ऊपर बहुत भारी पड़ सकता है। प्रदेश में शराब माफिया बेहद तेजी से बढ़ रहे हैं और धड़ल्ले से शराब को तय कीमतों से भी ज्यादा दामों में बेच रहे हैं। ओवररेटिंग का धंधा उत्तराखंड के शराब के ठेकों में धड़ल्ले से चल रहा है। कई लोग नजरों में आ जाते हैं तो कई लोग अभी भी कानून की नजरों से बचकर यह गैरकानूनी काम को अंजाम दे रहे हैं और गैर कानूनी तरीके से लाखों रुपए कमा रहे हैं। वहीं पुलिस इन शराब माफियाओं के खिलाफ एक्शन मोड में नजर आ रही है और शराब को तय दामों से अधिक बेचने वालों के ऊपर सख्त कार्यवाही कर रही है। शराब माफियाओं द्वारा ओवर रेटिंग का धंधा बागेश्वर में भी देखने को मिला है। बागेश्वर जिले में पुलिस अधीक्षक एसपी मणिकांत मिश्रा ने अपनी सूझबूझ से शराब माफियाओं के दो आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया है। मणिकांत मिश्रा ने इन शराब माफियाओं को गिरफ्तार कर इनके खिलाफ कार्यवाही भी शुरू कर दी है।

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उनको जानकारी मिली थी कि बागेश्वर के शराब के ठेकों में इस तरह की ओवररेटिंग का धंधा चल रहा है, जिसके बाद उन्होंने बहुत ही चतुराई से इन आरोपियों को पकड़ा। एसपी सादी वेशभूषा में मुख्यालय से शराब की दुकान में पहुंचे और सेल्समैन को ओवररेटिंग करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया और उनके ऊपर मुकदमा भी दर्ज कर दिया। एसपी ने शराब की दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की दरख्वास्त डीएम को भेज दी है। घटना बीते शनिवार की बताई जा रही है। देर रात को किसी ने फोन करके पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा को बागेश्वर के ठेकों में में चल रही ओवर रेटिंग की शिकायत की। फोन आते ही एसपी ने तुरंत ही एक्शन लिया और वे सादी वेशभूषा में आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए 8 बजे मुख्यालय स्थित शराब की दुकान में पहुंच गए। उन्होंने सेल्समैन से दो शराब के अलग-अलग ब्रांडों के रेट पूछे। सेल्समैन ने तय रेट से 110 अधिक मांगे। एसपी ने पैसे दिए और शराब की 2 बोतल खरीद लीं।

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उन्होंने तुरंत ही कोतवाली पुलिस को फोन किया और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर सेल्समैन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान सुंदर सिंह के रूप में हुए हैं। आरोपित पर आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है लिया है। वहीं पुलिस अधीक्षक ने अनुज्ञापी पूरन सिंह बिष्ट को भी गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को अनुज्ञापी को भी गिरफ्तार कर आईपीसी की धारा 420, 120, आबकारी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। अचंभे की बात यह है कि शराब की यह दुकान में पहले भी बीते 29 अक्टूबर को सेल्समैन एवं अनुज्ञापी पर कार्यवाही की गई थी। यह दूसरी बार है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है। बता दें कि जिला मुख्यालय के शराब की दुकान की प्रतिदिन ओवर रेटिंग से ढाई लाख रुपए की कमाई है यानी कि वह हर महीने का 75 लाख रुपए कमा रहे हैं और इस अवैध कमाई का पैसा बड़े-बड़े लोगों को जाता है जिनके कारण ही ओवर रेटिंग का यह धंधा धड़ल्ले से बढ़ रहा है। पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा का कहना है कि नियम एवं कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों के साथ सख्ती बरती जाएगी और तय दामों से अधिक कीमत पर बेचकर शराब की ओवररेटिंग करने वालों के ऊपर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाऐगी।