उत्तराखंड बॉर्डर पर नेपाल का एक और पैंतरा, SSB कैंप के ठीक सामने बनावा रहा है BOP

नेपाल बीओपी के भवन का निर्माण जिस जगह करा रहा है, वो झूलाघाट में एसएसबी कैंप के सामने काली नदी के पार स्थित है। यहां सल्याड़ी में भवन निर्माण कराया जा रहा है।
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Uttarakhand Nepal Border: Construction of BOP on Nepal border
Image: Construction of BOP on Nepal border

पिथौरागढ़: भारत और नेपाल के संबंधों में अब पहले जैसी बात नहीं रही। एक तरफ चीन की वजह से सीमा पर गतिरोध बना हुआ है तो वहीं नेपाल बॉर्डर पर भी टेंशन बनी हुई है। बॉर्डर पर जारी तनाव के बीच नेपाल यहां सुरक्षा बलों की तैनाती कर रहा है। पिथौरागढ़ के झूलाघाट में भारतीय सीमा से सटे इलाके में नेपाल अपने सशस्त्र बल की बीओपी का भवन बनाने में जुट गया है। भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नेपाल बीओपी के भवन का निर्माण जिस जगह करा रहा है, वो झूलाघाट में एसएसबी कैंप के सामने काली नदी के पार स्थित है। यहां सल्याड़ी में भवन निर्माण कराया जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में झूलाघाट में नेपाल सशस्त्र बल की बीओपी खुल चुकी है। बीओपी के पास भवन नहीं है। ऐसे में इसका संचालन भारत-नेपाल को जोड़ने वाले झूला पुल के पास एक किराये के मकान में हो रहा है। अब बीओपी का भवन बनाया जाना है। जिसके लिए नेपाल के दशरथ चंद नगरपालिका के अंतरर्गत आने वाले सल्याड़ी नामक जगह का चुनाव किया गया है। ये जगह भारत के एसएसबी कैंप के सामने पड़ती है। शुक्रवार से यहां बीओपी भवन निर्माण की कवायद शुरू हो गई। आगे पढ़िए

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नेपाल सशस्त्र बल के अधिकारियों ने चयनित जगह का निरीक्षण किया। साथ ही यहां मजदूर लगाकर साफ-सफाई का काम भी शुरू करा दिया गया है। एक हफ्ते बाद यहां काठमांडू से एक टीम भेजी जाएगी। जो कि स्थल की जांच कर भवन निर्माण का इस्टीमेट तैयार करेगी। आपको बता दें कि लॉकडाउन के बाद से बिगड़े माहौल में नेपाल भारतीय सीमा पर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने में जुटा है। चीन के बहकावे में आकर नेपाल भी भारत के खिलाफ साजिशें रच रहा है। वहां भारत विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। लिपुलेख रोड बनने से चिढ़े नेपाल ने भारत के कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को अपना इलाका बताया है। नेपाल में भारत विरोधी गाने बज रहे हैं। जिसके चलते सीमा पर तनाव है। उत्तराखंड से नेपाल की 275 किलोमीटर सीमा लगी है। पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंहनगर जिले की सीमाएं नेपाल से सटी हैं। यहां नेपाल लगातार सशस्त्र बल की तैनाती कर रहा है। यहां हेलीपैड और नई पोस्ट भी बना रहा है।