शनिवार को हुई बर्फबारी का असर अब तक महसूस हो रहा है। पहाड़ों में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है तो वहीं मैदानों में घना कोहरा परेशानी का सबब बना हुआ है।
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Komal Negi
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Image: Thick fog will prevail in 4 districts of Uttarakhand
चमोली: उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद प्रदेश में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। सोमवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में धूप खिली रही, लेकिन मैदानों में घना कोहरा छाया हुआ है। विजिबिलिटी कम होने की वजह से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में आए बदलाव को देखते हुए मौसम विभाग ने चार जिलों में घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की है। रविवार को जारी बुलेटिन के अनुसार आज और कल हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर जैसे मैदानी इलाकों में बहुत घना कोहरा छाया रहेगा। इसके अलावा पौड़ी गढ़वाल और नैनीताल के मैदानी इलाकों में भी घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। यहां न सिर्फ कोहरा छाया रहेगा। बल्कि अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री तक की कमी भी आ सकती है। इससे ठंड बढ़ेगी। मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों को सर्दी से बचने की सलाह दी है। मैदानी इलाकों में औसत तापमान 15 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा है। साथ ही लोगों को ठंड से बचाव करने की सलाह भी दी है। इस वक्त पहाड़ी इलाकों में कई-कई फीट बर्फ जमी है। बर्फबारी के बाद ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ाई है। आगे पढ़िए
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चकराता में रविवार को खिली धूप ने राहत तो दी, लेकिन यहां न्यूनतम तापमान अब भी माइनस में है। शाम ढलने के बाद से ठंड बढ़ गई। शनिवार को पहाड़ी इलाकों में झमाझम बारिश और बर्फबारी हुई थी। जिसका असर अब तक महसूस किया जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में शाम होने से पहले ही सन्नाटा पसर जाता है। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं। मैदानी इलाकों में भी ठंड कंपकंपी बढ़ा रही है। शनिवार को हुई बर्फबारी के बाद प्रदेश के पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की काफी भीड़ देखी गई। लोग चकराता के लोखंडी, देववन, व्यास शिखर, मुंडाली और मोयला टॉप समेत कई जगह बर्फ देखने आए थे। हालांकि रविवार को साप्ताहिक बंदी होने की वजह से पर्यटकों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। बात करें कुमाऊं के धारचूला क्षेत्र की तो यहां बर्फबारी सेना की आवाजाही में मुश्किलें खड़ी कर रही है। छियालेख में एक फुट बर्फ गिर चुकी है। लिपुलेख और नाभीढांग में तीन से चार फुट बर्फ से रास्ते ढक चुके हैं। सर्दी के सितम से अभी राहत नहीं मिलेगी, इसलिए अपना और अपने परिजनों का ठंड से बचाव करें। सुरक्षित रहें।