उत्तराखंड में पुलिस सिपाहियों को पुरानी थ्री नोट थ्री राइफल के बदले इंसास राइफल दी जा सकती है। पेट्रोलिंग में तेजी लाने के लिए 100 नई स्कार्पियो गाड़ियों को भी शामिल किया जा सकता है।
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Komal Negi
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Image: Police personnel will get INSAS rifle in Uttarakhand
देहरादून: उत्तराखंड में स्मार्ट पुलिसिंग की ओर होने वाले कार्यों में तेजी दिखाई दे रही है। प्रदेश में पुलिस को स्मार्ट पुलिस बनाने की तैयारियां जोरों-शोरों से की जा रही हैं। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। सिपाहियों के कंधे से सदियों पुरानी राइफल को हटा कर आधुनिक इंसास राइफल को शामिल किया जा सकता है। इसी के साथ पुलिस के 112 बेड़े में जल्द ही पेट्रोलिंग के लिए 100 नई स्कार्पियो गाड़ियों को भी शामिल किया जा सकता है। डीजीपी अशोक कुमार के पदभार संभालते ही स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर दिया गया और इसके तहत देहरादून में 9 समितियां गठित की गई थीं। इनमें ट्रैफिक आधुनिकरण, पुलिस कल्याण, समितियों द्वारा कानून, शांति व्यवस्था, ड्रग्स, साइबर अपराध से निपटने के साथ पुलिस वेलफेयर और पुलिस आधुनिकरण से संबंधित कार्य योजना तैयार की गई है। इन समितियों के साथ डीजीपी ने पिछले दिनों बैठक कर उनके प्रस्तावों पर चर्चा की थी। समितियों ने दर्जनभर प्रस्ताव दिए जिन पर सोमवार को गृह सचिव नितेश कुमार ने सैद्धांतिक मंजूरी दी। शासन स्तर के प्रस्तावों में से अधिकतर को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है, जबकि अधिक बजट वाले प्रस्तावों पर मुख्यमंत्री से चर्चा करने के बाद ही उन पर निर्णय आ पाएगा।
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डीजीपी अशोक कुमार ने कहा है कि कई ऐसे प्रस्ताव है जिनमें सरकार की आर्थिक स्थिति को देखकर निर्णय लिया जाना है। जल्द ही इन प्रस्तावों को मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा और उसके बाद ही इन पर निर्णय लिया जाएगा। डीजीपी ने बताया कि कई प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। आर्म्ड फोर्स के सिपाहियों की पुरानी राइफल को हटाकर इंसास राइफल दिए जाने को भी मंजूरी मिल चुकी है। इसी के साथ अभी तक डायल 112 के तहत गाड़ियां तो काफी चल रही हैं मगर प्रदेश की स्थिति को देखते हुए वे कम हैं। पेट्रोलिंग और तेज हो और पुलिस एक्शन जल्दी ले इसके लिए 100 नई स्कॉर्पियो गाड़ियों की मांग की गई है ताकि पेट्रोलिंग करने वाली पुलिस आरामदायक स्थिति में पेट्रोलिंग कर सके और इससे उनका मनोबल भी बढ़ेगा।
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पीएसी और आईआरबी में सिपाहियों के पास अभी तक भारी भरकम थ्री नोट थ्री राइफल होती थी। यह काफी पुरानी राइफल है। अब इनके स्थान पर आधुनिक इंसास राइफल उनको दी जाएगी। डीजीपी ने बताया कि सिटी पुलिस को भी शॉर्ट रेंज वेपन पिस्तौल देने की तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी हैं। वही पीएसी में यूपी की तर्ज पर पुरानी व्यवस्था चली आ रही थी। अभी तक एक बटालियन में एक बड़ी बस, तीन ट्रक एवं एक छोटा ट्रक होता था। 20 सालों तक पीएसी के वाहनों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया था। अब नए वाहनों के तौर पर हर बटालियन में तीन मिनी ट्रक और तीन मिनी बसों को शामिल किया जाएगा। वहीं पीएसी की वर्दी को अपग्रेड भी की जाएगी। डीजीपी ने बताया कि अभी तक पीएसी सामान्य वर्दी पहनकर ड्यूटी करते थे। लेकिन जल्द ही सीआरपीएफ और अन्य मिलिट्री फोर्स की तरह कॉम्बैट की खाकी वर्दी बनाई जाएगी।