उत्तराखंड: डीएम रंजना की शानदार पहल..संवरने वाली है 82 प्राथमिक स्कूलों की तस्वीर

काशीपुर में सीएसआर के तहत प्राइमरी स्कूलों को स्मार्ट स्कूल के तौर पर विकसित किया जाना है। इसके लिए कई कंपनियों के साथ एमओयू भी हुआ है, इसके बावजूद काम की रफ्तार बेहद धीमी है।
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
Udham Singh nagar dm: Udham singh nagar dm ranjana rajguru good work
Image: Udham singh nagar dm ranjana rajguru good work

उधमसिंह नगर: काशीपुर में स्थित प्राथमिक स्कूलों के दिन बहुरने वाले हैं। सरकारी स्कूलों का कायाकल्प किया जाएगा, इन्हें स्मार्ट स्कूल के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए सीएसआर के तहत काम होना है। हाल में ऊधमसिंहनगर डीएम रंजना राजगुरु ने इस संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सीएसआर के तहत चल रहे कामों की धीमी रफ्तार पर अपनी नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने सभी कंपनियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। डीएम के इस एक्शन के बाद स्कूलों के कायाकल्प संबंधी कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। आपको बता दें कि काशीपुर में कुल 82 प्राथमिक विद्यालयों का कायाकल्प होना है। इसके लिए विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू भी हो चुका है, लेकिन काम रफ्तार नहीं पकड़ रहा। सीएसआर के तहत किए जाने वाले काम को लेकर शनिवार को डीएम रंजना राजगुरु ने कंपनी प्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक ली।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: सीएम त्रिवेंद्र के आवास में चार अन्य लोग कोरोना पॉजिटिव
इस दौरान डीएम ने उप शिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी से सभी कंपनियों के काम की प्रगति रिपोर्ट मांगी। जिसमें पता चला कि अब तक सिर्फ 20 प्रतिशत से भी कम काम सीएसआर के तहत आगे बढ़ सका है। सिर्फ बहल पेपर मिल और नैनी पेपर मिल ने ही इस संबंध में संतोषजनक काम किया है। अन्य कंपनियों की सुस्त रफ्तार के चलते योजना का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा। आपको बता दें कि सीएसआर के तहत सरकारी स्कूलों को संवारने के लिए शिक्षा विभाग ने आधा दर्जन कंपनियों से एमओयू साइन कराया था। इन कंपनियों में से सिर्फ कुछ ही कंपनियां हैं, जो कि स्कूलों को स्मार्ट बनाने में अपना योगदान दे रही हैं। दूसरी कंपनियों की रफ्तार सुस्त है। अब डीएम ने इन कंपनियों से योजना संबंधी काम में तेजी लाने को कहा है, जिससे स्कूलों में रुके हुए काम के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है।