उत्तराखंड: कड़ाके की ठंड में शून्य से नीचे पहुंचा पारा..पानी जमा

कई हिस्सों में पारा शून्य की तरफ लुढ़कने से पाइपलाइनें जाम हो गई हैं और लोगों के नलों से पानी निकलना बंद हो गया है। टंकियों में भी पानी जम रहा है।
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Uttarakhand Pipeline: Freezing pipeline in Uttarakhand
Image: Freezing pipeline in Uttarakhand

बागेश्वर: उत्तराखंड इस समय कड़ाके की ठंड से जूझ रहा है। मौसम विभाग ने कल और परसों उत्तराखंड में बारिश की संभावना जताई है। बरसात से तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज होगी और ठंड बढ़ेगी। मौसम केंद्र के अनुसार 27 और 28 दिसंबर को गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के अत्यधिक क्षेत्रों में बारिश होगी और ऊंचाई वाले क्षेत्र में बर्फबारी होने की भी संभावनाएं हैं। समूचा उत्तराखंड इस समय ठंड से ठिठुर रहा है और पर्वतीय क्षेत्रों में पारा शून्य पर है। इस हद तक ठंड बढ़ गई है कि नलों का पानी भी अब जमने लगा है। पहाड़ों पर लगातार पानी जम रहा है और लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। उत्तराखंड के पश्चिमी उत्तर ढाल वाली घाटियों में सर्दी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। मैदानी क्षेत्र में तो फिर भी लोगों को दोपहर के समय पर धूप का सहारा रहता है मगर उन घाटियों में धूप भी देरी से पहुंचती है और तापमान शून्य तक पहुंच जाता है।

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तापमान शून्य तक लुढ़कने के कारण कारण पेयजल लाइनें भी जम गई हैं और नल में से पानी निकलना बंद हो गया है। अल्मोड़ा जिले की बात करें तो वहां के पर्वतीय क्षेत्रों में रात में टंकी में भरा गया पानी भी बर्फ की तरह सुबह तक जम जाता है। लोगों के नलों से पानी निकलना बंद हो गया है। चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के ऊंचाई वाले इलाकों में भी कमोबेश ये ही हाल है। लोगों को धूप के दर्शन भी नहीं हो पा रहे हैं। पहाड़ों पर दिनभर धूप नहीं निकलती है। सड़कों पर लगातार पाला गिर रहा है और धूप के अभाव में सड़कों पर कांच की परते जमतीं नजर आ रही हैं जिससे हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। पाले से लोगों की फसलों को काफी अधिक नुकसान हुआ है और अधिकांश सब्जियों एवं फलों के पत्ते पूरी तरह गल चुके हैं। पाला फसलों के लिए बेहद घातक होता है। सिंचाई नहीं होने के कारण गेहूं की फसलें चौपट हो रही हैं। फल और सब्जियों को भी नुकसान पहुंच रहा है।

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बागेश्वर जिले की बात की जाए तो बागेश्वर जिले में कोहरे और पाले ने ठिठुरन बढ़ा दी है। बारिश कम हुई है जिस वजह से सूखी ठंड पड़ रही है। सुबह पारा 0 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क रहा है। कोहरा रहने से सूर्य की किरणें भी आना बंद हो गई हैं। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। पिछले 7 दिनों से बागेश्वर में दिनभर कोहरा रहने के कारण लोगों को सूर्य देव के दर्शन नहीं हो पाए हैं जिस कारण ठंड और अधिक बढ़ गई है। जिला आपदा अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि मौसम शुष्क बना हुआ है और कोहरे के कारण तापमान लगातार गिर रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश होने के साथ ही मौसम खुलने की और धूप आने की संभावनाएं हैं।