उत्तराखंड: 6 महीने से कमरे में कैद थे बुजुर्ग मां-बाप, शरीर में बची सिर्फ हड्डियां..इनके लिए दुआ करें

अगर आप अपने घर-गांव से दूर परदेस में रहते हैं, तो इस खबर को जरूर पढ़ें, साथ ही अपने माता-पिता और आस-पास रहने वाले बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील बनें।
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Bageshwar News: Husband and wife were locked in the room for 6 months in Bageshwar
Image: Husband and wife were locked in the room for 6 months in Bageshwar

बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली खबर आई है। अगर आप अपने घर-गांव से दूर परदेस में रहते हैं, तो इस खबर को जरूर पढ़ें, साथ ही अपने माता-पिता और आस-पास रहने वाले बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील बनें। चलिए अब खबर पर आते हैं। घटना बिलौना क्षेत्र की है, जहां किसी ने बुजुर्ग दंपति को घर में कैद कर बाहर से ताला लगा दिया। दोनों बुजुर्ग दंपति घर में भूखे-प्यासे, फटेहाल रह रहे थे। कई महीनों तक घर में बंद रहने के बाद कुछ दिन पहले बुजुर्ग दंपति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। तब कहीं जाकर दिल्ली में रह रहा उनका बेटा घर पहुंचा और ताला तोड़कर माता-पिता को आजाद कराया। बुजुर्ग दंपति की मानसिक स्थिति खराब है, शरीर में सिर्फ हड्डियां बची हैं। दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। बुजुर्ग शख्स का नाम जमन सिंह नेगी है। वो रिटायर्ड फौजी हैं। 60 साल के जमन सिंह बिलौना में अपनी 52 वर्षीय पत्नी देवकी देवी के साथ अकेले रहते थे। दोनों बेटे बाहर जॉब करते हैं। लगभग छह महीने पहले किसी ने उनके कमरे के बाहर ताला लगा दिया। तब से बुजुर्ग दंपति कमरे में कैद होकर रह गए। आगे पढ़िए

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हैरानी की बात ये है कि बुजुर्ग दंपति के महीनों घर में बंद रहने के बाद भी इसकी भनक तक किसी को नहीं लगी। बीते शनिवार बुजुर्ग दंपति के एक पड़ोसी ने उनका वीडियो सोशल मीडिया पर डाला। ये वीडियो दिल्ली में रहने वाले बेटे को मिला तो वो रविवार को घर लौट आया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कमरे का ताला तोड़कर बुजुर्ग दंपति को अस्पताल पहुंचाया। बेटे जगत सिंह का कहना है कि वो लॉकडाउन के बाद से माता-पिता से संपर्क करने की कोशिश कर रहा था। उसे बताया गया कि घर में ताला लगा है और माता-पिता गंगोलीहाट स्थित बटगिरी गांव गए हैं। वहां संपर्क करने पर पता चला कि माता-पिता गांव में हैं ही नहीं। जगत सिंह ने बताया कि उसके माता-पिता इस हाल में होंगे, इसका उसे जरा भी अंदाजा नहीं था। बिलौना पहुंचकर पता चला कि वो महीनों से घर में कैद हैं। घर के बाहर ताला किसने लगाया, ये जांच का विषय है। बेटे ने पड़ोस में रहने वाले तीन लोगों पर शक जताया है। जगत सिंह ने बताया कि वो और उसका भाई दिल्ली में रहते हैं। वहीं जॉब करते हैं। दूसरे भाई सुरेश की पत्नी बीमार है, इसलिए वो घर नहीं आ सका। बहरहाल बुजुर्ग दंपति का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।