हरिद्वार दर्शन कराने के लिए देश की पहली और कार का काम शुरू होने जा रहा है। इस पर करीब 12 सौ करोड रुपए का खर्च आएगा।
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Komal Negi
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Image: PRT system will be built in Haridwar
हरिद्वार: उत्तराखंड के लिहाज से एक शानदार खबर सामने आई है। उत्तराखंड में देश की पहली पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी पॉड कार चलेगी। जी हां हरिद्वार दर्शन कराने के लिए देश की पहली और कार का काम शुरू होने जा रहा है। इस पर करीब 12 सौ करोड रुपए का खर्च आएगा। इस परियोजना के तहत आपको पूरे हरिद्वार के दर्शन करने का मौका मिलेगा। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक यह परियोजना साल 2024 तक पूरी हो जाएगी। जो कंपनी टेंडर लेगी, उसके लिए पहली शर्त यह है कि उसे 1 साल के भीतर डेढ़ किलो मीटर का ट्रैक तैयार करना होगा। इसका रूट और स्टेशन तय कर दिए गए हैं। कुल मिलाकर इस ट्रैक पर 21 स्टेशन बनाए जाएंगे। अब आपको बताते हैं कि आखिर पीआरटी यानी पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम क्या होचा है और किस मुल्क में इसे सबसे पहले शुरू किया गया था
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आपको बता दें कि पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम छोटी कार की तरह होता है। इसमें एक बार में 4 से 6 सवारियां सफर कर सकती है। दुनिया में सबसे पुराना पीआरटी सिस्टम वर्जीनिया में है, जो कि 1975 से चल रहा है। पीआरटी हरिद्वार के सीतापुर से शुरू होगा इसके बाद ज्वालापुर, आर्य नगर होते हुए शांतिकुंज और भारत माता मंदिर तक जाएगी। ट्रैक कुल मिलाकर 19 किलोमीटर लंबा होगा। सीतापुर के बाद ज्वालापुर, आर्य नगर, रामनगर, सिटी हॉस्पिटल, ऋषि कुल, हरिद्वार रेलवे स्टेशन, ललिता राव पुल, वाल्मीकि चौक, मनसा देवी रोपवे, हर की पैड़ी, खड़खड़ी, मोतीचूर, शांतिकुंज, भारत माता मंदिर पर स्टेशन बनेंगे। इसके अलावा डीएवी स्कूल, जगजीतपुर, दक्ष मंदिर, कनखल और कनखल चौक में भी स्टेशन बनेंगे। उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी का कहना है कि इसे बनाने की प्रक्रिया तेज हो चुकी है इसके लिए टेंडर निकाले जा चुके हैं।