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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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चमोली: " बार-बार मेरी बहन फोन करके मुझको पूछ रही है, भैजी जीजाजी कन छीं। ठीक छीन। अब मैं उसको क्या जवाब दूं। उसको कैसे तसल्ली दूं " यह शब्द हैं उत्तराखंड के अजय नेगी के। हाल ही में चमोली जिले में आई प्राकृतिक आपदा के बाद कई लोगों के घरों के चिराग मिट गए। देखते ही देखते सब कुछ पल भर में तबाह हो गया और ना जाने कितने ही लोग ऐसे हैं जो अब भी लापता हो रखे हैं और कई लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं। आपदा प्रभावित लोगों के परिजनों की इसी भीड़ में गुमसुम खड़े हुए हैं अजय नेगी। अजय नेगी के परिवार के ऊपर भी आसमान टूट पड़ा है। बता दें कि उनके जीजा जी सत्यपाल बर्त्वाल वहां पर इलेक्ट्रीशियन के रूप में तैनात थे। रविवार को आई बाढ़ में उनके जीजा जी सत्यपाल भी लापता हो रखे हैं। ग्लेशियर के टूटने से नदी में आए उफान में वहां पर मौजूद कई लोग जल प्रलय में बह निकले। उन्हीं लोगों में शामिल हैं सत्यपाल बर्त्वाल और उनका भी तक कोई भी सुराग नहीं मिल पाया है जिसके बाद से अजय नेगी बेहद चिंता में आ रखे हैं।