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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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चमोली: आपदाग्रस्त चमोली से लगातार बुरी खबरें आ रही हैं। यहां एनटीपीसी की तपोवन स्थित टनल में फंसे लोगों को बचाने के लिए पिछले एक हफ्ते से बचाव अभियान चल रहा है, लेकिन जैसे-जैसे सुरंग से शव बरामद हो रहे हैं, परिजनों का धैर्य भी जवाब देने लगा है। उम्मीदें खत्म होने लगी हैं। जिन आंखों में कल तक अपनों के लौट आने की आशाएं थीं, वो अब आंसुओं से सराबोर हैं। तपोवन स्थित सुरंग से आज पांच शव बरामद किए गए। जबकि दिनभर में क्षेत्र से कुल 12 शव बरामद हुए। इसी के साथ आपदा में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 50 हो गया है। तपोवन सुरंग में रेस्क्यू अभी भी जारी है, यहां से आज 5 शव बरामद हुए हैं। वहीं लापता लोगों की तलाश के लिए आईटीबीपी सर्च ऑपरेशन कर रही है। टनल से मलबा और गाद हटाने का काम चल रहा है। आज बरामद हुए शवों में से दो की पहचान हो गई है। मरने वाले दोनों लोग उत्तराखंड के रहने वाले थे।
इनमें से एक की पहचान टिहरी जिले के नरेंद्रनगर के रहने वाले आलम सिंह और दूसरे की पहचान देहरादून के कालसी के रहने वाले अनिल के तौर पर की गई है। चमोली डीएम स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि क्षेत्र में लगातार रेस्क्यू अभियान चल रहा है। सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए हम हर प्रयास कर रहे हैं। आपातकाल की स्थिति के लिए हेलीकॉप्टर तैयार है। अगर सुरंग से कोई व्यक्ति जीवित अवस्था में मिलता है तो उसे तुरंत इलाज मुहैया कराने के लिए मेडिकल सुविधा उपलब्ध है। क्षेत्र से बरामद हो रहे शवों से मिले आभूषण, टैटू और दूसरे पहचान चिन्हों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर उन्हें सुरक्षित रखा जा रहा है। बीते हफ्ते 7 फरवरी को ऋषिगंगा घाटी में ग्लेशियर टूटने के बाद जमकर तबाही हुई थी। बाढ़ के बाद अब तक 50 शव बरामद हो चुके हैं। जबकि 162 लोग लापता हैं। इनकी तलाश के लिए क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।