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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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हरिद्वार: पहाड़ में जंगली जानवर आतंक का सबब बने हुए हैं। कहीं गुलदार लोगों की जान ले रहे हैं, तो कहीं हाथी-भालू के हमले में लोगों की जान जा रही है। ताजा मामला हरिद्वार का है। यहां राजाजी टाइगर रिजर्व बेरीवाड़ा रेंज में गश्त कर रहे फॉरेस्ट गार्ड को हाथी ने मार डाला। हाथी ने फॉरेस्ट गार्ड को पटक कर उसके पेट में दांत गाड़ दिया था। हाथी से बचने के लिए गश्त टीम में शामिल अन्य वन कर्मियों को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। तब कहीं जाकर बमुश्किल हाथी को भगाया जा सका। हाथी के हमले में जान गंवाने वाले फॉरेस्ट गार्ड की पहचान गौरव कुमार के रूप में हुई। वो सिर्फ 31 साल के थे। शनिवार को गौरव कुमार रोजाना की तरह अन्य चार संविदा वन कर्मियों के साथ जंगल में गश्त पर थे। वो टीम का नेतृत्व करते हुए सबसे आगे चल रहे थे। ये गौरव की रोज की दिनचर्या थी, लेकिन शनिवार का दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन बनकर रह गया। गश्त करते हुए जब वो लगभग ढाई बजे के आसपास सैंथली बीट क्षेत्र के जंगल में पहुंचे तो झाड़ियों में छुपा अकेला हाथी सामने आ गया।