चमोली आपदा: दो बार हुआ बेटे का अंतिम संस्कार..मां का रो-रोकर बुरा हाल

विकास नगर के पंजिया गांव के जीवन सिंह का शव बीते शनिवार को तपोवन की सुरंग से बरामद कर लिया गया है। जीवन सिंह को मृत मान कर उसके परिजनों ने उसका पुतला बनाकर अंतिम संस्कार कर दिया था।
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Panjia village Jeevan Singh: Jeevan Singh last rites of Panjia village
Image: Jeevan Singh last rites of Panjia village

चमोली: चमोली जिले में आई आपदा के बाद से कई लोगों की आंखों में लाचारी साफ दिखाई दे रही है। आपदा अपने पीछे असहनीय पीड़ा छोड़ गई है। कई लोग अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं तो कई लोग अपने परिजनों के मिलने की उम्मीद खो बैठे हैं। विकास नगर के कालसी विकासखंड में भी कुछ ऐसा ही हुआ। वहां के गांव पंजिया में रहने वाले 4 युवक रोजीरोटी कमाने के लिए जोशीमठ गए थे लेकिन आपदा के बाद से उन युवकों का कोई भी पता नहीं लग पाया है। कई दिनों के इंतजार के बाद जब उन युवकों का सुराग नहीं मिला तो गांव वालों ने अपने कलेजे पर पत्थर रखकर उन चारों को मृत मान लिया और उनका पुतला बनाकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया। उन युवकों के पुतले का अंतिम संस्कार करने के बाद खबर आ रही है कि आपदा में लापता हुए पंजिया गांव के निवासी जीवन सिंह का शव बीते रविवार को सुरंग से बरामद कर लिया गया है। आगे पढ़िए

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बता दें कि जीवन सिंह उन चारों युवकों में से एक युवक था जोकि आपदा के बाद लापता हो गया थे और सभी के साथ जीवन सिंह का शव नहीं मिलने पर भी ग्रामीणों ने उसका पुतला बनाकर उनका दाह संस्कार कर दिया था। बीते रविवार को जीवन सिंह का शव सुरंग से बरामद कर लिया गया है और उनका शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। 7 फरवरी को रैणी गांव में आई आपदा में पंजिया गांव के 4 युवक लापता हो गए थे और उनके शवों के ना मिलने पर उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। जब शवों के मिलने में देरी हो गई तो ग्रामीणों ने भी उम्मीद खो दी और उनका धैर्य जवाब दे गया, जिसके बाद 15 फरवरी को पुतले के रूप में चारों लापता युवकों का पुतला बनाकर हरिपुर घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मगर बीते रविवार को लापता युवक जीवन सिंह के पुत्र जवाहर सिंह का शव टनल से बरामद किया गया है।

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जीवन सिंह के भाई समेत तीन लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं जिनके लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। लगातार जारी ऑपरेशन से उम्मीद है कि इन तीनों युवाओं के बारे में भी जल्द ही जानकारी मिलेगी। वहीं मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है। दिल पर पत्थर रखकर अपने बेटे के पुतले का अंतिम संस्कार करने वाले उन माता-पिता के दिल पर आखिर क्या गुजरी होगी इसके बारे में अंदाजा लगाना भी नामुमकिन है। अब वे अपने बेटे का दूसरी बार अंतिम संस्कार करेंगे। मृतक के पिता जवाहर सिंह का कहना है कि भले ही सभी लोगों का पुतला बनाकर अंतिम संस्कार कर दिया हो लेकिन अब उनके बेटे का शव बरामद हो चुका है उसको जल्दी ही चमोली से विकासनगर लाया जाएगा और मृतक का विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। तपोवन में बीते शनिवार को पांच और शव बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही अब तक कुल 67 शवों को बरामद कर लिया गया है। अभी तक कुल 34 शवों की शिनाख्त हो चुकी है जबकि 139 लापता व्यक्तियों की तलाश अभी जारी है।