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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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बागेश्वर: उत्तराखंड के जांबाज युद्ध नायकों के शौर्य की कहानियां पूरी दुनिया में मशहूर हैं। यहां के लोगों की देशभक्ति का कोई जवाब नहीं। सेना में बहादुरी दिखाने के मामले में उत्तराखंड का बड़ा नाम है। भारतीय सेना के हवलदार रविंद्र सिंह धपोला ऐसे ही जांबाज बहादुरों में से एक हैं। दो साल पहले जम्मू-कश्मीर में आतंकियों संग हुई मुठभेड़ में हवलदार रविंद्र सिंह धपोला ने एक आतंकवादी को मार कर, सात लोगों की जान बचाई थी। अदम्य साहस का परिचय देने वाले हवलदार धपोला को ऊधमपुर (जम्मू कश्मीर) में हुए सेना के एक कार्यक्रम में सेना मेडल (वीरता) से नवाजा गया है। लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। रविंद्र सिंह धपोला बागेश्वर के धपोलासेरा गांव के रहने वाले हैं। जुलाई 1979 में जन्मे रविंद्र सिंह धपोला की शुरुआती पढ़ाई ननिहाल में हुई। हाईस्कूल करने के बाद वह 26 जुलाई 1999 को सेना में भर्ती हो गए।