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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में महाकुंभ का आगाज होने के साथ अब पेशवाइयों की तैयारियां हो रही हैं। बुधवार को पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की भव्य पेशवाई निकाली गई, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत खुद हरिद्वार में मौजूद रहे। उन्होंने संतों से मुलाकात की। महाकुंभ में पुण्य प्राप्त करने के लिए देश-विदेश के संत हरिद्वार पहुंचे हुए हैं। इनमें कई संत ऐसे हैं, जिनका कठोर तप देखकर हर किसी का सिर श्रद्धा से झुक जाता है। साढ़े चार साल से उर्द बाहु (बाएं हाथ) को ऊपर कर तपस्या में लीन रहने वाले संत दिगंबर दिवाकर भारती ऐसे ही संत हैं। जिनका कठोर तप देख हर कोई हैरान है। महाकुंभ में आए संत दिगंबर दिवाकर भारती कहते हैं कि उनकी ये तपस्या आजीवन जारी रहेगी। दिगंबर दिवाकर भारती एसएमजेएन कॉलेज में बनी श्री निरंजनी अखाड़े की अस्थायी छावनी में ठहरे हुए हैं। उन्होंने हिमालय में अलग-अलग स्थानों पर तपस्या की है। बाबा उत्तराखंड के नैनीताल और पश्चिम बंगाल के आसनसोल में भी तपस्या कर चुके हैं। पिछले एक साल से वो औरंगाबाद में तपस्यारत हैं। आगे पढ़िए