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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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बागेश्वर: पहाड़ में आज भी गृहस्थी संभालने से लेकर मवेशियों के लिए चारा इकट्ठा करने तक की जिम्मेदारी महिलाओं पर ही होती है। जंगलों में घास काटते वक्त जंगली जानवरों का डर लगा रहता है, इस दौरान महिलाएं अक्सर हादसों का शिकार भी हो जाती हैं। बागेश्वर की रहने वाली लीला देवी के साथ भी यही हुआ। पशुओं के लिए चारा लेने जंगल गई लीला देवी पत्नी किशन सिंह की पेड़ से गिरने से मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाली लीला देवी सिर्फ 40 साल की थीं। उनकी मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां मातम पसर गया। लीला देवी का परिवार काफलीगैर तहसील के बोहला गांव में रहता है। रविवार को सुबह लगभग साढ़े दस बजे लीला देवी गांव की अन्य महिलाओं के साथ चारा लेने जंगल गई थीं। वो पशुओं के लिए घास आदि काटने के लिए पेड़ पर चढ़ गई।