जंगलों में घास काटते वक्त जंगली जानवरों का डर लगा रहता है, इस दौरान महिलाएं अक्सर हादसों का शिकार भी हो जाती हैं। बागेश्वर की रहने वाली लीला देवी के साथ भी यही हुआ। पढ़िए पूरी खबर
-
Komal Negi
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: Leela Devi of Bohla village dies
बागेश्वर: पहाड़ में आज भी गृहस्थी संभालने से लेकर मवेशियों के लिए चारा इकट्ठा करने तक की जिम्मेदारी महिलाओं पर ही होती है। जंगलों में घास काटते वक्त जंगली जानवरों का डर लगा रहता है, इस दौरान महिलाएं अक्सर हादसों का शिकार भी हो जाती हैं। बागेश्वर की रहने वाली लीला देवी के साथ भी यही हुआ। पशुओं के लिए चारा लेने जंगल गई लीला देवी पत्नी किशन सिंह की पेड़ से गिरने से मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाली लीला देवी सिर्फ 40 साल की थीं। उनकी मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां मातम पसर गया। लीला देवी का परिवार काफलीगैर तहसील के बोहला गांव में रहता है। रविवार को सुबह लगभग साढ़े दस बजे लीला देवी गांव की अन्य महिलाओं के साथ चारा लेने जंगल गई थीं। वो पशुओं के लिए घास आदि काटने के लिए पेड़ पर चढ़ गई।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले लेटेस्ट सर्वे..AAP के रिजल्ट ने सभी को चौंकाया
इसी बीच लीला देवी का पैर फिसल गया और वो गहरी खाई में गिर गई। साथ गई महिलाओं ने घटना की जानकारी तुरंत स्वजनों को दी। जिसके बाद परिवार के लोग लीला देवी को जिला अस्पताल ले गए, लेकिन अफसोस कि लीला देवी बच नहीं सकी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। महिला का एक बेटा और एक बेटी है। पति श्रीनगर में प्राइवेट नौकरी करते हैं। हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लीला देवी आशा कार्यकर्ता के तौर पर भी काम कर रही थीं। इधर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले की जांच जारी है। वहीं एक अन्य घटना में खोली मीहिनिया गांव में रहने वाले एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। मरने वाले युवक की शिनाख्त 36 वर्षीय रमेश राम पुत्र स्व. बहादुर राम के रूप में हुई। रविवार को रमेश राम खेतों में सिंचाई करने के लिए मोटर जोड़ रहा था। इस दौरान वो करंट की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौत हो गई।