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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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श्रीनगर गढ़वाल: उत्तराखंड से एक बेहद बुरी खबर सामने आ रही है। श्रीनगर गढ़वाल की मूल निवासी और उत्तराखंड राज्य की आंदोलनकारी और सेवानिवृत शिक्षिका पूनम गिरी का बीते मंगलवार को आकस्मिक निधन हो गया है। उनके आकस्मिक निधन से राज्य के आंदोलनकारियों के बीच शोक की लहर पसर गई है और हर कोई सोशल मीडिया पर अपना शोक व्यक्त कर रहा है। आंदोलनकारी और सेवानिवृत शिक्षिका पूनम गिरी के आकस्मिक निधन से राज्य के आंदोलनकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ ही विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों में भी शोक की लहर छा गई है। उनके निधन से पहले तक उनका स्वास्थ्य ठीक बताया जा रहा था और उनको कोई भी गंभीर समस्या नहीं थी। मगर मंगलवार को अचानक उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई जिसके बाद उनको बेस अस्पताल लाया गया जहां पर उन्होंने दम तोड़ दिया। आपको बता दें कि पूनम गिरी उत्तराखंड की सक्रिय आंदोलनकारी रही हैं और उन्होंने कई अहम मुद्दे भी उठाए हैं। उन्होंने गलत फैसलों के खिलाफ आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। पूनम गिरि राज्य निर्माण आंदोलन में भी प्रमुख आंदोलनकारी रही थीं और उन्होंने राज्य निर्माण आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। उनकी उस आंदोलन में अहम भूमिका रही थी। आगे पढ़िए