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पिथौरागढ़: राज्य में जब से कोरोना वायरस ने दस्तक दी है तब से ही हमारे स्वास्थ्य कर्मी दिन-रात संक्रमित मरीजों की सेवा कर रहे हैं। दिन-रात ड्यूटी करने वाले हमारे कोरोना वॉरियर्स इंसानियत की जीती-जागती मिसाल हैं। अपने परिवार वालों को भूलकर राज्य के स्वास्थ्य कर्मी लगातार अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। राज्य में मुसीबत के दस्तक देने के बाद से अपने परिवार के साथ हम तो घर पर सुरक्षित हैं मगर राज्य के कोरोना वॉरियर्स अपना फर्ज निभा कर यह साबित कर रहे हैं कि दूसरों की सेवा करना ही उनका धर्म है। कोरोना से जूझ रहे उत्तराखंड को यहां के स्वास्थ्य कर्मी उम्मीद दे रहे हैं और अपना फर्ज निभा रहे हैं। न केवल वे मरीजों का उपचार कर रहे हैं बल्कि अन्य फर्ज भी निभा रहे हैं। आज हम आपको दो ऐसे ही कोरोना वॉरियर्स से मिलवाने जा रहे हैं जिन्होंने एम्बुलेंस चालक की गैर उपस्थिति में स्टेयरिंग व्हील थामी और पहाड़ के खतरनाक रास्ते पर मरीज को लाने निकल पड़े..पिथौरागढ़ के बेरीनाग में बीती देर रात कोरोना संक्रमित मरीज की हालत ज्यादा खराब हो गई। उस समय एम्बुलेंस चलाने के लिए कोई मौजूद नहीं था तब वहां के डॉक्टर एवं नर्सिंग ऑफिसर ने खुद एम्बुलेंस का स्टेयरिंग अपने हाथों में लिया और निडर होकर मरीज को लेने पहुंचे। आगे पढ़िए