उत्तराखंड: तमंचे की छीनाझपटी में चली थी गोली, 22 वर्षीय युवती की मौत.. 3 पड़ोसी गिरफ्तार

महुवाखेड़ा गंज में 22 वर्षीय मेहविश की मौत तमंचा देखने के दौरान हुई छीनाझपटी में गोली चलने से हुई। पुलिस ने मामले में पड़ोसी साजिद और उसकी दो बेटियों को गिरफ्तार कर 12 बोर का तमंचा बरामद किया है।
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Mehwish Death Case: 22-Year-Old Woman Shot Dead During Struggle Over Pistol
Image: 22-Year-Old Woman Shot Dead During Struggle Over Pistol

उधमसिंह नगर: महुवाखेड़ा गंज के ग्राम मड़ैया देवी में 22 वर्षीय युवती मेहविश की गोली लगने से हुई मौत के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। घटना के बाद पुलिस ने पड़ोसी साजिद और उसकी दो बेटियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया 12 बोर का तमंचा भी बरामद किया गया है।

22-Year-Old Woman Shot Dead During Struggle Over Pistol

जानकारी के अनुसार, गुरुवार को दिन के समय मेहविश पड़ोसी साजिद के घर गई थी। उस समय साजिद घर पर मौजूद नहीं था। पुलिस के मुताबिक, मेहविश को जानकारी थी कि साजिद के घर तमंचा रखा है। मेहविश ने साजिद की छोटी बेटी सबीना से तमंचा दिखाने के लिए कहा। इसके बाद सबीना घर में रखा अपने पिता का तमंचा ले आई। दोनों तमंचे को देखने लगीं। इसी दौरान उसे पकड़ने और घुमाने को लेकर दोनों के बीच छीनाझपटी हो गई और अचानक गोली चल गई। गोली मेहविश के सिर में लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

तमंचे से 'फिल्मी अंदाज' में करतब दिखाने की बात

पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, दोनों तमंचे को लेकर यह देखने की कोशिश कर रही थीं कि उसे किस तरह पकड़ा और चलाया जाता है। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान दोनों बारी-बारी से तमंचा पकड़ रही थीं। साजिद के घर लौटने के डर के बीच सबीना तमंचा वापस रखने की बात कह रही थी। इसी दौरान हुई छीनाझपटी में गोली चल गई।

शव को घर पहुंचाकर घटनास्थल बदलने की कोशिश

पुलिस के अनुसार, मेहविश की मौत के बाद साजिद और उसकी बड़ी बेटी फिजा ने घर के फर्श पर पड़े खून के निशान साफ किए। इसके बाद साजिद ने शव को अपने घर से उठाकर मेहविश के घर पहुंचा दिया। आगे पढ़िए..

पुलिस का कहना है कि ऐसा घटना के साक्ष्य मिटाने और घटनास्थल बदलने के उद्देश्य से किया गया। घटना के बाद साजिद अपने परिवार के साथ फरार हो गया था।

मृतका के भाई ने दी पुलिस को सूचना

मेहविश की मौत के बाद उसके भाई फईम ने पुलिस को सूचना दी और मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश तेज कर दी। शनिवार शाम एसएसपी अजय गणपति ने मामले का खुलासा किया।

भागने की फिराक में थे आरोपी, तीनों गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, साजिद (50), उसकी बेटी सबीना (18) और फिजा (20) को अलीगंज रोड पर राधास्वामी सत्संग के पास गिरफ्तार किया गया। बताया गया कि तीनों वहां से भागने की फिराक में थे। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल 12 बोर का तमंचा भी बरामद किया।

साजिद ने छह महीने पहले खरीदा था तमंचा

सीओ प्रशांत कुमार के अनुसार, साजिद ने करीब छह महीने पहले महुवाखेड़ा निवासी जमील से तमंचा खरीदा था। साजिद खेती में खेतों से खरपतवार निकालने का काम करता है। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि उसने जंगली जानवरों से फसल को बचाने के लिए तमंचा खरीदा था। अब पुलिस तमंचा बेचने वाले व्यक्ति के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

हत्या, साक्ष्य मिटाने और आर्म्स एक्ट में मुकदमा

पुलिस ने साजिद और उसकी दोनों बेटियों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध तमंचा साजिद तक कैसे पहुंचा और इसे बेचने वाले की भूमिका क्या रही।