हादसे में ड्राइवर की जान तो बच गई, लेकिन पिकअप वाहन देखते ही देखते नदी में समा गया। घटना चंद्रापुरी क्षेत्र की है।
-
Komal Negi
-
Advertisement
केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
Image: Mandakini river water level rises in Rudraprayag
रुद्रप्रयाग: आसमान से बारिश की शक्ल में बरस रही आफत से उत्तराखंड हलकान है। भारी बारिश के चलते हुए हादसों में अब तक कई लोग जान गंवा चुके हैं। नदियां-गदेरे उफान पर हैं। गंगा और सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। डराने वाली ऐसी ही एक तस्वीर रुद्रप्रयाग जिले से आई। जहां मंदाकिनी नदी में रेत लेने गया एक पिकअप वाहन नदी में फंस गया। ड्राइवर ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। हादसे में ड्राइवर की जान तो बच गई, लेकिन पिकअप वाहन देखते ही देखते नदी में समा गया। घटना चंद्रापुरी क्षेत्र की है, जहां मंदाकिनी नदी का भयानक रूप देख लोग डरे हुए हैं। क्षेत्र में अभी भी बारिश जारी है, जिससे नदी उफान पर है। लोगों का कहना है कि मई माह में शायद ही मंदाकिनी नदी का ऐसा विकराल रूप कभी देखा गया हो। बता दें कि मौसम विभाग ने पहाड़ों में दो दिन भारी बारिश का अनुमान जताया था, 9 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था। ऐसा ही हो भी रहा है।
यह भी पढ़ें - पहाड़ के दिलेर अफसर ने बचाई बुजुर्ग महिला की जान..24 किलोमीटर दूर जाकर किया रक्तदान
पहाड़ी इलाकों में बारिश अब भी थमी नहीं है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। केदारनाथ से बहने वाली मंदाकिनी नदी ने भी विकराल रूप धारण कर लिया है। स्थानीय लोगों ने कहा कि आमतौर पर ऐसी स्थिति जुलाई-अगस्त के बरसाती महीनों में देखने को मिलती थी, लेकिन इस बार तो मई में ही हालात बिगड़ गए। आने वाले दिनों में स्थिति और भी बुरी हो सकती है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले सभी लोगों को अलर्ट किया है। दूसरे इलाकों की बात करें तो यमुनोत्री हाईवे अभी भी बंद पड़ा हुआ है। वहीं बदरीनाथ हाईवे भी लामबगड़, कंचन गंगा और रडांग बैंड में बंद है। टनकपुर में शारदा के उफान में आने से सात मजदूर फंस गए। जिन्हें पुलिस व प्रशासन ने रेस्क्यू कर बचाया। मलबा आने से टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे भी बंद हो गया है। हरिद्वार में भी चंडी घाट पुल के पास निर्माण सामग्री और क्रेन गंगा में बह गई। जिस वजह से यहां भी निर्माण कार्य बंद कर दिया गया है।