गौरीकुंड का जल लेने दिल्ली से रुद्रप्रयाग आई युवती..कहा- इस जल से पिता का कैंसर सुधर रहा है

युवती ने बताया कि उसके पिता कैंसर से लड़ रहे हैं। तप्तकुंड के जल के सेवन से पिता का कैंसर लेवल चमत्कारी ढंग से 36 प्रतिशत से घटकर एक प्रतिशत पर आ गया।
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
Gaurikund Tapantkund: girl came to Gaurikund from Delhi to get water
Image: girl came to Gaurikund from Delhi to get water

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है। कहते हैं यहां के कण-कण में दैवीय शक्ति है, इसी दैवीय शक्ति से प्रभावित होकर लाखों लोग हर साल उत्तराखंड आते हैं और अपनी समस्याओं से चमत्कारी ढंग से निजात भी पाते हैं। एक ऐसी ही चमत्कारी घटना से प्रभावित होकर उत्तर प्रदेश की एक युवती गौरीकुंड स्थित तप्तकुंड का जल लेने के लिए रुद्रप्रयाग पहुंच गई। युवती के पिता कैंसर से जूझ रहे हैं। कोरोना कर्फ्यू में रुद्रप्रयाग आने वाली इस युवती को जब पुलिस ने रोका, तो उसने पुलिसकर्मियों को आपबीती सुनाई। उसने बताया कि उसके पिता कैंसर से लड़ रहे हैं। पिछले दिनों एक रिश्तेदार ने उसके पिता को तप्तकुंड का जल पीने के लिए दिया था। इस जल के सेवन से पिता का कैंसर लेवल चमत्कारी ढंग से 36 प्रतिशत से घटकर एक प्रतिशत पर आ गया। इसलिए वो दोबारा उस अमृत को लेने के लिए उत्तराखंड पहुंची हैं।

तप्तकुंड का जल पीने के बाद उसके पिता की स्थिति में सुधार हो रहा है। बता दें कि दिल्ली से तप्तकुंड का जल लेने आई इस युवती को पुलिस ने बॉर्डर पर रोक दिया था। युवती केदारनाथ जाने की जिद कर रही थी। पूछताछ में युवती ने अपना नाम खुशबू जायसवाल निवासी देवरिया, यूपी बताया। युवती के पिता दिल्ली एम्स में भर्ती हैं। तप्तकुंड के जल के प्रति युवती की आस्था को देखते हुए मौके पर तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक विजेंद्र सिंह कुमांई ने युवती को मौके पर ही जल उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने गौरीकुंड चौकी प्रभारी योगेश कुमार से बात की और उनसे एक बोतल तप्तकुंड का जल भिजवाने का आग्रह किया। जल के रुद्रप्रयाग पहुंचने पर सोमवार को पुलिस ने उसे युवती के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद युवती दिल्ली के लिए रवाना हो गई।