उत्तराखंड में तेज बरसात के चलते बीते रविवार की देर रात को ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर जबरदस्त भूस्खलन हो गया और हाईवे का 200 मीटर हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आ गया, जिस कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो रखा है।
-
Komal Negi
-
Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
Image: Landslide on Rishikesh-Badrinath highway
श्रीनगर गढ़वाल: उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर से करवट बदलता हुआ नजर आ रहा है। इसका असर साफ तौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में पड़ रहा है और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन होने से बोल्डर और मलबा गिरने का सिलसिला जारी है। बीते सोमवार से उत्तराखंड में झमाझम बरसात हो रही है। कल भी बरसात का दौर जारी रहा। वहीं तेज बरसात के चलते बीते रविवार की देर रात को ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर जबरदस्त भूस्खलन हो गया और हाईवे भूस्खलन के कारण बंद हो गया। बीते रविवार की देर रात को बद्रीनाथ-ऋषिकेश हाईवे के 200 मीटर क्षेत्र में भूस्खलन हो गया जिसमें से 40 मीटर हिस्सा भूस्खलन के कारण ध्वस्त हो गया। वहीं हाईवे के 100 मीटर हिस्से में पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिरे हुए हैं। अभी तक हाईवे को खोला नहीं सका है और हाइवे बंद होने से रुद्रप्रयाग एवं चमोली जिले में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई भी पूरी तरह से ठप हो गई है। एनएच के अधिकारियों का कहना है कि दोपहर तक राजमार्ग को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। बीते रविवार को भारी बरसात के कारण भूस्खलन होने से हाईवे का 40 मीटर का हिस्सा बुरी तरह से ध्वस्त हो गया है और सोमवार की सुबह 6 बजे से ही ऑल वेदर रोड परियोजना में काम कर रही संस्था और एनएच के द्वारा युद्ध स्तर पर हाईवे पर से मलबा हटाया जा रहा है।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: मैदान में घटा लेकिन अब पहाड़ चढ़ा कोरोना संक्रमण..पौड़ी गढ़वाल का सबसे बुरा हाल
आज सुबह तक भी हाईवे से मलबा हटाया नहीं जा सका है और यातायात भी बहाल नहीं हो पाया है। वहीं मार्ग अवरुद्ध होने से चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में लोगों को अखबार, सब्जी, ब्रेड की सप्लाई नहीं होने के कारण भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऑल वेदर रोड परियोजना में निर्माणाधीन होने के कारण इस क्षेत्र में पहले से ही मामला संवेदनशील बना हुआ है और इस समस्या के चलते हाईवे पर दोनों तरफ से यातायात बाधित हो रखा है। आपको बता दें कि भूस्खलन रविवार की देर रात खांकरा से दो किलोमीटर आगे सम्राट होटल के समीप हाईवे पर हुआ। यह क्षेत्र जिला मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर है। भूस्खलन इतना जबरदस्त था कि सड़क का 40 मीटर का हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है और अब मलबे की सफाई के बाद ही वाहनों की आवाजाही करवाई जाएगी। आज दोपहर तक यातायात सुचारू करने की कोशिश की जा रही है।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: बुटीक संचालिका का भाई बना हैवान,,सिलाई सीखने आने वाली लड़की का किया रेप
आपको बता दें कि उत्तराखंड में बीते सोमवार से ही मैदान से लेकर पहाड़ तक झमाझम बरसात का सिलसिला शुरू हो रखा है और यह मंगलवार की सुबह तक भी जारी रहा उत्तराखंड में कई जगह अब भी हल्की बारिश हो रही है इस कारण मौसम सुहावना हो गया है। वहीं मौसम विज्ञानियों ने उत्तराखंड में अगले 24 घंटे तक नैनीताल, पिथौरागढ़, देहरादून और बागेश्वर जैसे जिलों में बारिश के साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉक्टर रोहित थपलियाल का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही तेज नम हवाओं के कारण राज्य में बरसात हो रही है। इसी के साथ उन्होंने राज्य के अधिकतर पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बरसात के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई हैं।