वर्तमान में प्रदेशभर में कोरोना कर्फ्यू लागू है। बाजार बंद होने की वजह से दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब सरकार कम संक्रमण वाले जिलों में धीरे-धीरे अनलॉक करने की तैयारी में है।
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Komal Negi
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Image: Preparation for unlock in Uttarakhand
बागेश्वर: प्रदेशवासी कृपया ध्यान दें। अगर आपने इसी तरह संयम बनाए रखा तो प्रदेश सरकार चरणबद्ध तरीके से पाबंदियों में ढील देने पर विचार कर सकती है। कोरोना संक्रमण के मामले कम होने लगे हैं, ऐसे में अब कम संक्रमण वाले इलाकों में बाजार खोलने की तैयारी है। किन क्षेत्रों में पाबंदियों मे ढील दी जानी है, इसका निर्णय प्रदेश सरकार जिलाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही लेगी। उम्मीद की जा रही है कि सरकार बाजार खोलने को लेकर जल्द ही राहत दे सकती है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि वो गुरुवार को एक बार फिर जिलाधिकारियों से चर्चा करेंगे, उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। वर्तमान में प्रदेशभर में कोरोना कर्फ्यू लागू है। बाजार बंद होने की वजह से दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारी संघ बाजार खोलने की मांग कर रहे हैं। बुधवार को इसे लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। कौशिक ने मुख्यमंत्री से बाजार खोलने का अनुरोध किया था।
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बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में कई इलाकों में कोरोना संक्रमण कम हुआ है, ऐसे इलाकों में दुकानों को खुलने की इजाजत मिलनी चाहिए। व्यापारियों से जुड़े संगठन ने भी मुख्यमंत्री से दुकानें खोलने का अनुरोध किया था। केंद्र सरकार ने भी पांच प्रतिशत से नीचे वाले जिलों में अनलॉक करने की छूट दे दी है। ऐसे में प्रदेश में भी जल्द ही अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। राज्य सरकार कारोबारियों व व्यापारियों को नुकसान से बचाने के लिए कोविड कर्फ्यू में और अधिक ढील देने के लिए गंभीरता से विचार कर रही है। ऐसे जिले जिनमें संक्रमण कम हो रहा है, उन्हें धीरे-धीरे अनलॉक करने की तैयारी है। देहरादून, हरिद्वार, बागेश्वर, चंपावत व ऊधमसिंहनगर जैसे जिलों में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है। सरकार संबंधित जिलों को राहत देने पर विचार कर रही है। हालांकि जिन जिलों में कोरोना संक्रमण दर 10 प्रतिशत से ऊपर है, वहां के लोगों को आगे भी बंदिशें झेलनी पड़ सकती हैं।