रुद्रप्रयाग जिले के नरकोटा से बड़ी खबर आई है। यहां भारी बारिश की वजह से मलबा आ गया जिस वजह से गांव वालों ने भागकर जैसे तैसे अपनी जान बचाई।
-
Komal Negi
-
Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
Image: Heavy rain in Narkota of Rudraprayag
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद जगह-जगह बुरा हाल है। अब रुद्रप्रयाग जिले के नरकोटा से बड़ी खबर आई है। यहां भारी बारिश की वजह से मलबा आ गया जिस वजह से गांव वालों ने भागकर जैसे तैसे अपनी जान बचाई। बताया गया है की रात 2:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक लगातार बारिश होती रही। गांव वाले किसी अनहोनी की आशंका के चलते सोए नहीं और आखिर में वही हुआ जिस बात का डर था। भारी मात्रा में पानी के साथ मलवा लोगों के घरों में घुस गया। इस मजबूरी में लोगों को अपना गांव छोड़ना पड़ा। कई घरों में और गौशालाओं में मलबा आया है। इसके अलावा खेत खलिहान सभी रास्ते वर्ष हो गए हैं। आपको बता दें कि 3 मई को इस गांव में अतिवृष्टि हुई थी और उसके बाद लोगों को अपने घर छोड़ कर दूसरी जगह शरण लेनी पड़ी थी। फिलहाल गांव के लोग डरे हुए हैं और उनकी मांग है कि उन्हें विस्थापित किया जाए। आपको बता दें कि उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर लगातार जारी है।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: पहाड़ से गिरा विशाल पत्थर, चमत्कार से बची बाइक सवार की जान..देखिए वीडियो
कई जगह सड़कों में भूस्खलन की वजह से मार्ग अवरुद्ध हो चुका है और कई जगह गांव में जलभराव हो चुका है। ऐसे में आज भी मौसम विभाग द्वारा संभावना जताई गई है कि उत्तराखंड को अभी राहत नहीं मिलने वाली। उत्तराखंड राज्य के अधिकांश स्थानों में बारिश और गर्जना के साथ भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड के 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जबकि 2 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। आज उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत, हरिद्वार, अल्मोड़ा, उधम सिंह नगर, रुद्रप्रयाग, देहरादून और टिहरी गढ़वाल जिलों में कहीं-कहीं भारी से भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा उत्तराखंड राज्य में कहीं-कहीं गर्जना के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा तीव्र बौछार की संभावना है। उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह सकती हैं।