इसका मतलब ये है कि आपदा प्रबंधन विभाग को बारिश के चलते पैदा होने वाले हालात से निपटने के लिए अभी से तैयारी शुरू करनी होगी।
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Komal Negi
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Heavy rain alert in 7 districts of Uttarakhand June 13
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में बुधवार रात से बारिश का दौर जारी है। प्री मानसून की पहली ही बारिश ने गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक तबाही मचा दी है। मलबा आने से जगह-जगह सड़कें बंद है। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने एक और डराने वाली सूचना दी है। विभाग ने कहा है कि उत्तराखंड में मानूसन 15 से 20 जून के बीच पहुंच सकता है। इसका मतलब ये है कि आपदा प्रबंधन विभाग को बारिश के चलते पैदा होने वाले हालात से निपटने के लिए अभी से तैयारी शुरू करनी होगी। अभी मानसून आया नहीं है, लेकिन प्री मानसून की बारिश पहाड़ से लेकर मैदान तक तबाही मचा रही है। मौसम विभाग ने शनिवार को पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, देहरादून, नैनीताल और चंपावत में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में रहने वाले लोग संभलकर रहें।
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आपको बता दें कि मौसम विभाग की पहले की रिपोर्ट में 22 से 27 जून के बीच राज्य में मानसून आने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब मानसून उत्तराखंड में अनुमानित समय से कुछ पहले पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने कहा है कि 15 से 20 जून के बीच मानसून के उत्तराखंड पहुंचने का अनुमान है। मौसम के लिहाज से अगले 24 घंटे मुश्किल भरे रहेंगे। मौसम विज्ञानियों ने देहरादून समेत सात जिलों में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हरिद्वार, अल्मोड़ा, ऊधमसिंहनगर और टिहरी में भारी बारिश हो सकती है। रविवार को भी मौसम खराब रहेगा। 16 जून तक बारिश से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने भूस्खलन और नदी-नालों में उफान की चेतावनी भी जारी की है, इसलिए पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग सतर्क रहें। यात्रा करते वक्त सावधान रहें और नदी-नालों से दूरी बनाए रखें।