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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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बागेश्वर: उत्तराखंड के नौजवानों के दिल में भारतीय सेना के प्रति कितना सम्मान और आदर है इसका अंदाजा इसी बात से लगता है कि इस बार भी भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट होने वाले उत्तराखंड के 37 नौजवान है। इनमें से एक वीर जांबाज़ है बागेश्वर के कपकोट के रहने वाले भरत फर्स्वाण। भरत ने सेना अफसर की वर्दी पहनी और उनके कंधों पर सितारे सजे हैं। उनकी इस उपलब्धि से उनके गृह क्षेत्र में खुशी की लहर फैल गई है। भरत गरीबी में पले बढ़े हैं लेकिन उन्होंने अपनी जिंदगी का एक लक्ष्य तय किया था। भरत ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता हरीश भरत फर्स्वाण, माता पार्वती देवी और अध्यापकों को दिया है। भरत परिवार में सबसे छोटे हैं। उनके दो भाई और एक बहन है। भरत के पिता हरीश भरत फर्स्वाण कपकोट में एक छोटा सा रेस्टोरेंट चलाते हैं। इसके अलावा उनका बड़ा भाई दीपक होटल मैनेजमेंट करने के बाद नोएडा में एक होटल में कार्यरत है। आगे पढ़िए