गढ़वाल में उग गयी दुनिया की सबसे तीखी मिर्च भूत झोलकिया, 2500 रुपये किलो है कीमत

भूत झोलकिया मिर्च अपने तीखेपन के लिए पूरी दुनिया में पहले पायदान पर है। इसे हाल में टिहरी में उगाने का प्रयास किया गया था, खुशकिस्मती से ये प्रयोग सफल रहा।
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Tehri garhwal news: Bhut jolokia chilli production in tehri garhwal
Image: Bhut jolokia chilli production in tehri garhwal

टिहरी गढ़वाल: मिर्च के बिना कोई भी भारतीय भोजन अधूरा है। किसी को खाने में लाल मिर्च का तड़का पसंद आता है, तो कुछ लोगों को कच्ची हरी मिर्च खाने की आदत होती है। खाने में तीखापन लाने के लिए लोग मिर्च का इस्तेमाल करते हैं। आज हम आपको एक ऐसी मिर्च के बारे में बताने जा रहे हैं दो अपने तीखेपन के लिए पूरी दुनिया में पहले पायदान पर है। इस मिर्च का नाम है भूत झोलकिया। जिसे हाल में टिहरी में उगाने का प्रयास किया गया था, खुशकिस्मती से प्रयोग सफल रहा। हालांकि अभी मिर्च के व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए कोई नीति नहीं बनने से इसके बीज की उपलब्धता नहीं है, उम्मीद है ये दिक्कत जल्द ही दूर हो जाएगी। वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी के सब्जी शोध परियोजना के तहत भूत झोलकिया मिर्च की खेती में सफलता मिली है। साल 2018 में सब्जी शोध परियोजना के जिला समन्वयक डॉ. तेजपाल बिष्ट ने प्रयोग के तौर पर आसाम वानिकी विवि से मंगाए गए बीजों को यहां पर उगाया और लगभग दो सौ पौधों की नर्सरी तैयार की। इससे करीब डेढ़ सौ किलो मिर्च का उत्पादन हुआ। बाजार में इस मिर्च की कीमत 2500 रूपये किलो तक है.

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इन दिनों टिहरी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी कोको रोसे ने भी अपने आवास पर इसके कुछ पौधे लगाए हैं। जिनमें पिछले साल मिर्च लगी थी। इन प्रयोगों की सफलता से टिहरी में भूत झोलकिया मिर्च की खेती की संभावना होने की उम्मीद बंधी है। उद्यान विभाग और वन विभाग भी जंगली जानवरों से फसलों को बचाने और काश्तकारों की आर्थिकी सुधारने के लिए इस मिर्च को उगाने की कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। भूत झोलकिया मिर्च सामान्य मिर्च से लगभग चार सौ गुना तीखी होती है। ये अपने तीखे स्वाद के लिए दुनियाभर में पहले पायदान पर है। तीखी होने के साथ ही ये औषधीय गुणों से भरपूर है। भूत झोलकिया पेट के रोगों में असरकारी है, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। उद्यान विभाग का कहना है कि अगर बीज मिल जाए तो इस मिर्च की खेती से प्रदेश के काश्तकारों को बेहतर दाम मिल सकते हैं।