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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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टिहरी गढ़वाल: मिर्च के बिना कोई भी भारतीय भोजन अधूरा है। किसी को खाने में लाल मिर्च का तड़का पसंद आता है, तो कुछ लोगों को कच्ची हरी मिर्च खाने की आदत होती है। खाने में तीखापन लाने के लिए लोग मिर्च का इस्तेमाल करते हैं। आज हम आपको एक ऐसी मिर्च के बारे में बताने जा रहे हैं दो अपने तीखेपन के लिए पूरी दुनिया में पहले पायदान पर है। इस मिर्च का नाम है भूत झोलकिया। जिसे हाल में टिहरी में उगाने का प्रयास किया गया था, खुशकिस्मती से प्रयोग सफल रहा। हालांकि अभी मिर्च के व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए कोई नीति नहीं बनने से इसके बीज की उपलब्धता नहीं है, उम्मीद है ये दिक्कत जल्द ही दूर हो जाएगी। वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी के सब्जी शोध परियोजना के तहत भूत झोलकिया मिर्च की खेती में सफलता मिली है। साल 2018 में सब्जी शोध परियोजना के जिला समन्वयक डॉ. तेजपाल बिष्ट ने प्रयोग के तौर पर आसाम वानिकी विवि से मंगाए गए बीजों को यहां पर उगाया और लगभग दो सौ पौधों की नर्सरी तैयार की। इससे करीब डेढ़ सौ किलो मिर्च का उत्पादन हुआ। बाजार में इस मिर्च की कीमत 2500 रूपये किलो तक है.