गर्भपात की वजह से महिला पर्यटक की स्थिति नाजुक बनी हुई थी। समय पर ब्लड नहीं मिलता तो उसकी जान पर बन आती। आगे पढ़िए पूरी खबर
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Komal Negi
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Image: Rishikesh police office shiv prasad dabral saved women life ‘
ऋषिकेश: पुलिस को लेकर आम लोगों के मन में डर वाली छवि थी, लेकिन कोरोना काल में हमें ऐसी कई तस्वीरें देखने को मिलीं, जिन्होंने पुलिस की छवि पूरी तरह बदल कर रख दी। ऋषिकेश से एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई है। जहां उत्तराखंड पुलिस के एक उपनिरीक्षक मुसीबत के वक्त में एक महिला पर्यटक के लिए जीवन रक्षक बन गए। गर्भपात की वजह से महिला पर्यटक की स्थिति नाजुक बनी हुई थी। समय पर ब्लड नहीं मिलता तो उसकी जान पर बन आती। पराए राज्य में फंसे परिजन बुरी तरह घबराए हुए थे। उनकी दिक्कतें देख ऋषिकेश कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक शिव प्रसाद डबराल ने रक्तदान करने की बात कही। बीपी हाई होने की वजह से डॉक्टरों ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया था, लेकिन पुलिसकर्मी ने कुछ घंटे इंतजार करने की बात कही। बीपी नॉर्मल होने पर उन्होंने ब्लड डोनेट किया और इस तरह महिला पर्यटक की जान बच गई।
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घटना बुधवार की है। एम्स ऋषिकेश में भर्ती दिल्ली की एक 25 वर्षीय महिला पर्यटक की गर्भपात के कारण हालत बिगड़ गई। महिला को ओ नेगेटिव ब्लड की जरूरत थी। मरीज के परिजन परेशान थे, समझ नहीं पा रहे थे कि किससे मदद मांगे। इसकी सूचना जब कोतवाली ऋषिकेश में तैनात सब इंस्पेक्टर शिव प्रसाद डबराल को मिली तो वो महिला की मदद के लिए अस्पताल पहुंच गए। वहां चेकअप के दौरान उनका ब्लड प्रेशर हाई निकला। जिस वजह से चिकित्सकों ने रक्तदान नहीं करने दिया। उस वक्त शिव प्रसाद डबराल ड्यूटी पर थे, उनके पास ज्यादा समय नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने दो घंटे इंतजार किया और बार-बार पानी पीकर अपना ब्लड प्रेशर सामान्य किया। दो घंटे बाद वो रक्तदान कर सके। मरीज के परिजनों ने इंस्पेक्टर शिव प्रसाद डबराल का आभार जताया। उनके इस काम की हर तरफ तारीफ हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें सैल्यूट कर रहे हैं।