अगर गढ़वाली गीतों में कुछ नया सुनना चाहते हैं तो ‘धागु ह्वेगे जिंदगी’ से बेहतर कुछ नहीं। ये गढ़वाली गजल आपका दिल छू लेगी। आगे देखें वीडियो
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Komal Negi
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Image: Sourav Maithani Garhwali Ghazal
देहरादून: उत्तराखंड के युवा लोक गायक यहां के लोकसंगीत को नए आयाम तक पहुंचाने में अपना विशेष योगदान दे रहे हैं। गायक सौरव मैठाणी ऐसी ही शख्सियत हैं। हाल में इनकी गढ़वाली गजल ‘धागु ह्वेगे जिंदगी’ यूट्यूब पर रिलीज हुई। मखमली आवाज के धनी सौरव मैठाणी की ये गजल श्रोताओं को लुभाने में बेहद कामयाब रही है। कानफोड़ू गानों और रैप के नाम पर शोर-शराबा सुनकर अगर आप निराश हो गए हैं तो एक बार ‘धागु ह्वेगे जिंदगी’ जरूर सुनें। ये गीत निश्चित तौर पर आपको नएपन का अहसास कराएगा, कानों के साथ मन को भी सुकून देगा। यूट्यूब पर रिलीज गीत को अब तक हजारों लोग देख चुके हैं, सराह चुके हैं। ‘घौर यख च, बौंण वख, त्वी बतौ अब रुण कख’ जैसे खूबसूरत शब्दों से सजा ये गीत नयापन लिए हुए है। इसे इतने खूबसूरत शब्दों से सजाने का श्रेय लिरिसिस्ट मधुसूदन थपलियाल को जाता है। डायरेक्शन सोहन चौहान का है। म्यूजिक में संजय कुमोला ने हमेशा की तरह एक बार फिर कमाल का म्यूजिक दिया है। आगे देखिए वीडियो
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गीत कर्णप्रिय और शानदार बन पड़ा है। सिमन्या प्रोडक्शन की ये प्रस्तुति आपको निश्चित रूप से पसंद आएगी। चलिए आपको सौरव मैठाणी की आवाज से सजी गजल ‘धागु ह्वेगे जिंदगी’ सुनाते हैं। हमें ये गीत बेहद पसंद आया, उम्मीद है आपको भी जरूर पसंद आएगा। गीत का वीडियो आप सौरव मैठाणी के ऑफिशियल यूट्यूब पेज पर देख सकते हैं।