अफसोस कि 84 हजार से ज्यादा कीमत चुकाने के बाद भी पीड़ित को पिज्जा चखने का मौका नहीं मिला। पीड़ित अब अपनी रकम वापस पाने के लिए थाने के चक्कर काट रहा है।
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Komal Negi
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Image: 84 thousand cheated in the name of online pizza in Rudrapur
रुद्रपुर: पिज्जा...फास्टफूड के शौकीनों की पहली पसंद। आमतौर पर एक पिज्जा खरीदने के लिए दो सौ से हजार रुपये तक खर्च पड़ते हैं, लेकिन ऊधमसिंहनगर के एक शख्स को ये पिज्जा 84 हजार का पड़ गया। अफसोस कि 84 हजार से ज्यादा कीमत चुकाने के बाद भी पीड़ित को पिज्जा चखने का मौका नहीं मिला। मामला रुद्रपुर का है। जहां साइबर जालसाजों ने पिज्जा डिलीवरी के नाम पर पीड़ित के खाते से 84 हजार 888 रुपये उड़ा लिए। पीड़ित रवि ग्रोवर ने सपने में भी नहीं सोचा था कि पिज्जा खाने की इच्छा इतनी महंगी पड़ जाएगी। अब वो अपनी रकम पाने के लिए थाने के चक्कर लगा रहे हैं। चलिए पूरा मामला बताते हैं। घटना रुद्रपुर की है। जहां रवि ग्रोवर नाम के शख्स ने साइबर ठगी का केस दर्ज कराया है। साइबर थाना पुलिस को दी गई तहरीर में रवि ने बताया कि पंजाब एंड सिंध बैक में उसका ओम इंजीनियर्स ऑटो मेसन के नाम से खाता है। 30 जुलाई को उन्होंने गूगल से पिज्जा कास्टमर केयर का नंबर निकाला। नंबर कर कॉल किया तो कॉलर ने कहा कि एनीडेस्क नाम से पिज्जा डिलीवर ऐप डाउनलोड करना पड़ेगा। आगे पढ़िए
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फिर पिज्जा डिलीवर ब्वॉय का कॉल आया। उसने अकाउंट में पांच रुपये का भुगतान कराया। इसके बाद फर्जी आउटलेट अधिकारी ने फोन कर पिज्जा जल्द डिलीवर होने के बात कही। फोन रखते ही रवि के खाते से पैसे कटने लगे। ठगी करने वालों ने पहले पिज्जा डिलीवर ऐप डाउनलोड करवाया और झांसा देकर पांच बार खातों से नगदी साफ कर दी। जब तक रवि को ठगी का अहसास हुआ, तब तक उनके खाते से 84 हजार 888 रुपये निकल चुके थे। इस मामले में पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने एक अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उत्तराखंड में साइबर क्राइम के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले दिनों दून की एक महिला ने 15 हजार का डॉगी खरीदने के चक्कर में 63 लाख रुपये गंवा दिए थे। आप भी इन मामलों से सबक लें। किसी कंपनी या बैंक का नंबर गूगल पर सर्च न करें। इंटरनेट पर मिले नंबर जालसाजों द्वारा डाले गए भी हो सकते हैं और आप ठगी का शिकार हो सकते हैं।