शुक्रवार शाम हुई अतिवृष्टि के बाद कई सड़कें सैलाब में बह गईं। पैदल मार्ग और पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। मरचूला और सांकर में दो दुकानों में मलबा घुसने की खबर है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट
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अनुष्का ढौंडियाल
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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
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Image: Cloud burst in Salt Marchula area
अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में बारिश की शक्ल में बरस रही आसमानी आफत ने जमकर तबाही मचाई। यहां सल्ट के मरचूला क्षेत्र में शुक्रवार शाम भारी बारिश हुई। जिससे आसपास के दर्जनों गांव प्रभावित हुए हैं। यहां करीब आधा दर्जन गांवों की पेयजल योजनाएं ध्वस्त हो गई हैं। सड़कों का भी बुरा हाल है। मरचूला-रामनगर, पौड़ी, गौलीखाल, मोहान-मछोड़ मार्ग पर मलबा जमा हो गया, जिससे सड़कें 19 घंटे तक अवरुद्ध रहीं। प्रशासन पूरा दिन सड़कों को खोलने में जुटा रहा, तब कहीं जाकर आवाजाही शुरू हो सकी। मरचूला और सांकर में दो दुकानों में मलबा घुसने से सारा सामान नष्ट हो गया। गांव वाले बुरी तरह डरे हुए हैं। यहां पेयजल लाइनें भी ध्वस्त हो गई हैं, जिससे गांव में पानी की सप्लाई नहीं हो रही। पैदल रास्ते भी नहीं बचे। कई मकानों के आंगन टूट गए हैं। शुक्रवार शाम 5 बजे से 10 बजे तक क्षेत्र में अत्यधिक बारिश हुई। जिसके बाद नदी-नाले उफान पर आ गए। ऊपरी क्षेत्रों से गधेरों में काफी मात्रा में मलबा बहकर आ गया। तहसील क्षेत्र के झड़गांव, मरचूला, सांकर, चिमटाखाल, हरड़ा आदि स्थानों में हर तरफ तबाही के निशान बिखरे हैं। आगे पढ़िए
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लोग इसे बादल फटने की घटना बता रहे हैं। मलबा आने की वजह से रास्ते बंद हो गए थे, जिस वजह से कई वाहन चालकों को पूरी रात सड़क पर ही गुजारनी पड़ी। काशीपुर जा रही एक बोलेरो पहाड़ी से पत्थर गिरने से क्षतिग्रस्त भी हुई, कार में सवार लोगों की जान बड़ी मुश्किल से बच सकी। सांकर गांव में बालम सिंह समेत तीन अन्य लोगों के घरों के आंगन क्षतिग्रस्त होने की खबर है। मरचूला में वीरेंद्र सिंह के ढाबे में मलबा घुस गया और सारा सामान नष्ट हो गया। कृषि भूमि को भी काफी नुकसान पहुंचा है। शनिवार को ज्यादातर रास्तों को साफ कर वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी गई, लेकिन गांवों की हालत खराब है। मूलभूत सुविधाओं की कमी हो गई है। इससे चिंतित ग्रामीणों ने प्रशासन से मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रही हैं। सल्ट के उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे ने प्रभावितों को दैवीय आपदा मद से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।